अग्निमंथ का अर्थ
[ aganimenth ]
अग्निमंथ उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञाउदाहरण वाक्य
- इसको वृहद अग्निमंथ के आभाव मे प्रयोग किया जाता है ।
- अग्निमंथ , अरणी इसका बहुवर्षायु क्षुप होता है जो कि झुण्ड बनाकर बड़ता है , पत्र लट्वाकार और अभिमुख होते है पुष्प सफ़ेद होते है ।
- अग्निमंथ ( अरनी ) की जड़ को जल में उबालकर काढ़ा बनाकर इसके 15 ग्राम काढ़े में 5 ग्राम शहद मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम पीने से भगन्दर नष्ट होता है।
- जय ( सं . ) [ सं-पु . ] 1 . विजय ; जीत 2 . लाभ 3 . इंद्र का पुत्र 4 . अरणी या अग्निमंथ नामक एक वृक्ष 5 . विष्णु के एक पार्षद का नाम 6 . महाभारत नामक महाकाव्य का पुराना नाम 7 . संगीत में एक प्रकार का ताल 8 .