अजन्म का अर्थ
[ ajenm ]
अजन्म उदाहरण वाक्य
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- ‘ जन्म कर्म विद : च अजन्म शब्दात्।
- हो आदिदेव अजन्म अविनाशी अनन्त स्वरूप हो . .
- अभी भी जा सकती हूँ वापस अपने अजन्म में .
- ‘ जन्म कर्म विदच अजन्म शब्दात्।
- अपने अजन्म में चलती हूँ जैसे अनोखे दृश्यों वाली सुरंग में किसी .
- अतः प्राणियों में तथा इंसानों में अजन्म , अचल , अपरिवर्तनशील , अमर आत्मा नहीं होती।
- वहीं वैद्यनाथ का कहना था कि नकली सीमेंट में लिप्त पर कानूनी कार्रवाई के साथ अजन्म कारवास होना चाहि ए .
- सृष्टिकर्ता के रूप में वह सृष्टि के समान नही हैं - अर्थात वह अजन्म , अनादी, एवं अनंत हैं (निर्ग.15:18; व्यवस्था.33:27)।
- वह परमेश्वर का वचन है ( यूह.1:1), अदृश्य परमेश्वर का स्वरूप है (कुलु.1:15)। वह अजन्म है; उसका नाम ‘पुत्र' से यह तात्पर्य नही कि उसका जन्म हुआ या वह सृजा गया;
- उसे स्वीकार होता है - साथी का हर आग्रह , हर अधिकार और बहुत से अवगुण भी ! विवाह वेदी पर बैठे जो प्रतिज्ञा की थी वह अजन्म मन के किसी कोने में अपना अधिपत्य जमाये रहती है !