अनन्यभाव का अर्थ
[ anenyebhaav ]
अनन्यभाव उदाहरण वाक्य
परिभाषा
विशेषण- ईश्वर में ही ध्यान लगाने वाला:"अनन्यभाव ऋषि की तपस्या देख इन्द्र भयभीत हुआ"
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- किसीका खण्डन करना अनन्यभाव बननेका साधन नहीं है ।
- अनन्यभाव से जो परमात्मा का भजन करता है ।
- ऐसा करनेसे ही अनन्यभाव होगा ।
- शरणागत हो जाता है , आस्तिक्यभाव अनन्यभाव ऊँच पद को प्राप्त हो
- इतना ही कर्तव्य है कि अनन्यभाव से उनके शरणागत होकर उनका ही
- हैं , उनकी अनन्यभाव से भक्ति करने वाले जीवों का सर्व विधि कल्याण है।
- अनन्यभाव तो यह है कि हमारे इष्टके सिवाय दूसरा कोई तत्त्व है ही नहीं ।
- इसलिये हमारा तो केवल इतना ही कर्तव्य है कि अनन्यभाव से उनके शरणागत होकर उनका ही ध्यान करें ।
- इसलिये हमारा तो केवल इतना ही कर्तव्य है कि अनन्यभाव से उनके शरणागत होकर उनका ही ध्यान करें ।
- जिसका भगवान् के नाममें अटूट श्रद्धा-विश्वास है , अनन्यभाव है , उसका एक ही नामसे कल्याण हो जाता है ।