अप्रामाण्य का अर्थ
[ aperaamaaney ]
अप्रामाण्य उदाहरण वाक्य
परिभाषा
विशेषण- जिसका कोई सबूत या प्रमाण न हो या बिना सबूत या प्रमाण का:"बेसबूत अपराध कभी न्यायालय में साबित नहीं किए जा सकते हैं"
पर्याय: बेसबूत, प्रमाणरहित
- प्रमाण का अभाव :"अप्रामाण्य किसी को दोषी कैसे ठहराया जा सकता है"
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- इस मत में प्रामाण्य और अप्रामाण्य दोनों परत :
- इस मत में प्रामाण्य और अप्रामाण्य दोनों परत :
- सांख्य में प्रमाण्य और अप्रामाण्य दोनों स्वत :
- जिसके अनुसार वेदादि ग्रंथ अप्रामाण्य , मानवरचित कृतियां हैं .
- इस मत में प्रामाण्य और अप्रामाण्य दोनों परत : होते हैं।
- तटस्थज्ञान अर्थात् प्रामाण्य और अप्रामाण्य से विरहित ज्ञान सदा या तोप्रमाणिक होता है या अप्रा-~ माणिक .
- अत : विधिवाक्य में अप्रामाण्य के कारण भ्रमादि नहीं होने से विधिवाक्य ही धर्म में प्रमाण हैं।
- अत : विधिवाक्य में अप्रामाण्य के कारण भ्रमादि नहीं होने से विधिवाक्य ही धर्म में प्रमाण हैं।
- अत : विधिवाक्य में अप्रामाण्य के कारण भ्रमादि नहीं होने से विधिवाक्य ही धर्म में प्रमाण हैं।
- एक वे जो स्वयं को पूरी तरह से तार्किक कहते हैं , किंतु श्रोत ( वेदादि ग्रंथ ) को अप्रामाण्य मानते हैं .