अव्रण का अर्थ
[ avern ]
अव्रण उदाहरण वाक्य
परिभाषा
विशेषण- जिसमें धब्बा या निशान न हो:"इसका एक भी कपड़ा बेदाग़ नहीं है"
पर्याय: बेदाग़, बेदाग, दाग़रहित, दागरहित, अदाग़, अदाग़ी, अदाग, अदागी - जिसे घाव या व्रण न हो:"अव्रण व्यक्ति को व्रण की पीड़ा का अहसास भी कैसे हो सकता है"
पर्याय: क्षतरहित
- व्रण का अभाव:"उनका शरीर अव्रण बना रहा"
- आँख का एक रोग जिसमें पुतली पर श्वेतवर्ण की एक फूली सी पड़ जाती है:"दादी की आँख में अव्रणशुक्र हो गया है"
पर्याय: अव्रणशुक्र
उदाहरण वाक्य
- इनमें से जगत को रचनेवाला , वीर्यवान् तथा शुद्ध , कवि , मनीषी , परिभू और स्वयम्भू इत्यादि गुणों के सहित होने से परमेश्वर सगुण है और अकाय , अव्रण , अस्नाविर इत्यादि गुणों के निषेध होने से वह निर्गुण कहलाता है।
- इनमें से जगत को रचनेवाला , वीर्यवान् तथा शुद्ध , कवि , मनीषी , परिभू और स्वयम्भू इत्यादि गुणों के सहित होने से परमेश्वर सगुण है और अकाय , अव्रण , अस्नाविर इत्यादि गुणों के निषेध होने से वह निर्गुण कहलाता है।