आफ़ताबी का अर्थ
[ aafaabi ]
आफ़ताबी उदाहरण वाक्य
परिभाषा
विशेषणसंज्ञाउदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- आफ़ताबी नूर उनके शाद रुख पे देख कर
- आफ़ताबी झलने वाले सेवक उनके तथा सम्भाजी के दोनों ओर आफ़ताबी पंखे झल रहे थे।
- आफ़ताबी झलने वाले सेवक उनके तथा सम्भाजी के दोनों ओर आफ़ताबी पंखे झल रहे थे।
- नकाबी चेहरों . . का खौफ़ नहीं मुझको..... आफ़ताबी आगोश... रात की खुमारी को.... जब सुबह.. आफ़ताब ने आगोश में भर लिया.... नम के होठों के फूल... गर्म सीने पे हमने खिला दिये....
- कोवलम और महासमुद्रम और पुलिंकुड़ी के समुद्रतटों पर भी जीवन काफ़ी ठहरा हुआ लगा और आफ़ताबी गुस्ल करती हुई नीम मलबूस विदेशी हसीनाओं की इफ़रात के बावजूद न किसी को लार टपकाते देखा।
- आफ़ताबी आगोश . .. मुझे कसता रहा... मैं बर्फ़ानी नदी सी पिघलती रही.... पैरों तले.. ज़मी बहने लगी... ज़िस्म धूप सा जलता रहा... ख्वाब का कंबल ओढे... दो ज़िस्म सिमटे रहे.... थरथराती सांसों को... लब पीते रहे.... मेरी पलकें.. उसकी धड़कनों को..
- बड़ी बेतकल्लुफी से वह मुझे ही कहता है कि बड़ा मजा है फ़स्लेबहार सा ही फैंटेसी में जीने में व अपने अस्ल सूरत को छिपाकर ऐसे रखा करो किसी भी आफ़ताबी आईने में कि रूमानियत ही रूमानियत नजर आता रहे हर एक कयास के करीने में . ..