आवह का अर्थ
[ aavh ]
आवह उदाहरण वाक्य
परिभाषा
विशेषण- जो उत्पादन करता हो :"भारत एक अनाज उत्पादक देश है"
पर्याय: उत्पादक, भावक - / जीवाणु ही रोगों के वाहक होते हैं"
पर्याय: वाहक
- पृथ्वी से बारह योजन ऊपर बहनेवाली वह हवा या वायु जिसमें बिजली चमकती है और जिसमें से ओले गिरते हैं:"आवह वायु के सात स्कंधों में से पहला है"
पर्याय: भू-वायु
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- ' शुचीनां श्रीमतां गेहे योगभ्रष्टोऽभिजायते।' तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्।
- 12 योजन तक ' आवह' वायु है।
- 12 योजन तक ' आवह' वायु है।
- हिरण्यवर्णमिति बीजं , ताम् आवह जातवेद इति शक्तिः , कीर्ति ऋद्धि ददातु में इति कीलकम्।
- इस प्रकार ‘ तां म आवह ′ से लेकर ‘ यः शुचिः ' तक के १ ६ मन्त्रों को सम्पुटित कर पाठ करने से १ पाठ हुआ।
- “ यह सब भूमिका थी , असल बात जो पूछी आवह थी , ” आप के मातापिता का क्या नाम था , बहुत वर्ष पहले मेरे भी एक रिश्तेदार दम्पति दुर्घटना में अपने बहुमूल्य प्राण खो बैठे थे . ”
- ऋग्वेद के ' श्री सूक्त' में यज्ञ में प्रज्वलित अग्नि से यह प्रार्थना की गई है कि हे अग्ने, आप मेरे लिए उस मनपगामिनी लक्ष्मी को बुलाओ... 'ताऽम आवह जातवेदो लक्ष्मी मनपगामिनीम्...' विचार करने की बात यह है कि देवी महालक्ष्मी का प्राकट्य जल से हुआ है, फिर वेद का ऋषि उसके आह्वान के लिए अग्नि से क्यों प्रार्थना कर रहा है?