इस्तिक़बाल का अर्थ
[ isetikaal ]
इस्तिक़बाल उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञा- किसी मान्य या प्रिय के आने पर आगे बढ़कर आदरपूर्वक किया जाने वाला अभिनंदन:"राम के अयोध्या आगमन पर अयोध्यावासियों ने उनका भव्य स्वागत किया"
पर्याय: स्वागत, अगवानी, अगवाई, अगवान, अगौनी, अभ्यागम, इस्तिकबाल, इस्तकबाल, इस्तक़बाल - व्याकरण में वह काल जो वर्तमान समय से आगे की क्रियाओं या अवस्थाओं को बताता है:"आज गुरुजी ने भविष्य काल के बारे में विस्तार से बताया"
पर्याय: भविष्य काल, भविष्यत काल, भविष्यत् काल, भविष्यकाल, भविष्य, भविष्यत्, इस्तिकबाल, इस्तकबाल, इस्तक़बाल
उदाहरण वाक्य
- मैं आपका तहेदिल से इस्तिक़बाल करता हूँ जनाब हम तो आपके मुरीद हो गये . खैर ख़बर लेते रहि ओ.
- ज़ेहनों में शोहदा ए करबला की याद ताज़ा हो जाती है और इस याद का इस्तिक़बाल अश्क़ों की नमी से होता है जो धीरे धीरे आशूरा के क़रीब सैले रवाँ में तबदील हो जाती है।
- मख़्सूस ऐहतेराम : जन्नत में दाख़िल होते ही फ़रिश्ते उन का मख़सूस इस्तिक़बाल करेगें और हमेशा ऐहतेराम करेगें , हर दरवाज़े से फ़रिश्ते दाख़िल होगें और कहेगें कि दुनिया में इज़्ज़त और इस्तेक़ामत की वजह से तुम पर सलाम हो।
- क़ुरआने करीम का कोई भी हुक्म इन्सानी हैवानी व नफ़्सानी ख़्वाहिशात से साज़गार नहीं है जो शख़्स अपनी ही ख़्वाहिशात को मद्दे नज़र रखता है उस की ख़्वाहिश होती है कि क़ुरआन भी उस के रुजहानात , ख़्वाहिशात के मुताबिक कलाम करे और जैसे ही कोई आयत उस की ख़्वाहिशात व तरग़ीबात के मुताबिक़ नज़र आए तो उस का भर पूर इस्तिक़बाल करता है पस अक़्ल का तक़ाज़ा है कि इन्सान ख़ाली ज़हन और ख़ाली दामन हो कर फ़क़्त इश्क़े इलाही का जज़्बा लेकर क़ुरआन की बारगाह में हाज़िरी दें।