उटज का अर्थ
[ utej ]
उटज उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञाउदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- निज सौध सदन में उटज पिता ने छाया
- उटज से बढता चला नभयान तक उपक्रम हमारा
- हरियाली के बीच खड़ा है , विस्तृत एक उटज पावन।
- हरियाली के बीच खड़ा है , विस्तृत एक उटज पावन।
- डरता हूँ सदा किन्तु धर्म-मर्यादा से घर में किसी के घुसना न न्यायोचित है अतः नहीं उटज के अन्दर मैं घुसता ' '
- बोहड़ केविलुप्त प्राय - प्रसृत - बलस्थ वृक्ष , मेघो के राज्य में सिरोन्नत किएविस्मयी - विमुग्धकारी - गिरिशिखर उटज ; छोटे - छोटे स्टेशन वित्त - निरापद खेत - खलिहान...
- अपने ही ख्यालों में इतनी उलझी थी कि तभी मुझे आसमान में एक टूटता तारा उटज आया , छोटे बच्चों कि तरह आँख बंद किया , ” मन से निकला अब मैं थक गयी हूँ , मुझे ज़िन्दगी अच्छी नहीं लग रही , मै इसे और नहीं चाहती ...
- जानते हुए भी स्वर्ण-मृग नहीं होता है लुब्ध राम दौड़े पीछे कंचन-हरिण के बस इसी लिए अपहृत हुई जानकी टाले नहीं टलती है कभी भवितव्यता। ' ' राम ने त्वरित पीछा किया स्वर्ण-मृग का लगते ही बाण वह बोला हाय लक्ष्मण ! भ्रम वश समझ पुकार उसे राम की लखन भी भेजा वहीं हठ कर सीता ने सीता-अपहरण का अवसर प्राप्त कर करने विचार लगा दशग्रीव मन में- “डरता नहीं हूँ किसी विघ्न और बाधा से डरता हूँ सदा किन्तु धर्म-मर्यादा से घर में किसी के घुसना न न्यायोचित है अतः नहीं उटज के अन्दर मैं घुसता”