उत्कर्ष-अपकर्ष का अर्थ
[ utekres-apekres ]
उत्कर्ष-अपकर्ष उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञा- उत्थान और पतन:"अधिकतर लोगों के जीवन में उत्थान-पतन के सिलसिले चलते रहते हैं"
पर्याय: उत्थान-पतन, उत्थान पतन, उत्कर्ष अपकर्ष
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- कई उत्थान और पतन , कई उत्कर्ष-अपकर्ष, समय-समय पर आते-जाते रहे, परन्तु
- उत्कर्ष-अपकर्ष समता-विषमता भला-बुरा सत्य-असत्य जो कुछ दिखाई देता है , वह सब कुछ इसी माया महाशक्ति का ही सामर्थ्य है।
- कई उत्थान और पतन , कई उत्कर्ष-अपकर्ष , समय-समय पर आते-जाते रहे , परन्तु हमारी संस्कृति और इतिहास की संजीवनी शक्ति का अवसान कभी नहीं हुआ ।
- कौन कहता है कि शब्दों का उत्थान-पतन , उत्कर्ष-अपकर्ष नहीं होता , शब्दों की भी मृत्यु होती है ? गोस्वामी तुलसीदास भी यही कह गए हैं ? कि ‘ धरा को प्रमान यही तुलसी , जो फरा सो झरा जो बरा सो बुताना।
- कौन कहता है कि शब्दों का उत्थान-पतन , उत्कर्ष-अपकर्ष नहीं होता , शब्दों की भी मृत्यु होती है ? गोस्वामी तुलसीदास भी यही कह गए हैं ? कि ‘ धरा को प्रमान यही तुलसी , जो फरा सो झरा जो बरा सो बुताना।
- प्रोफेसर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सेवाओं से विमुक्त हो जायेंगे फिर अगले सत्र मे तकरीबन 15 अगस्त के आसपास फिर से हमें तमाम उत्कर्ष-अपकर्ष के उपरांत दया के आधार पर फिर से विश्वविद्यालय की मुख्य धारा मे शामिल किया जायेगा इस तरह का जीवन मै पिछले चार साल से जी रहा हूँ और मेरे बहुत से बन्धु 8 - 10 साल से भी तदर्थ रुप से गुरुकुल की सेवा कर रहे हैं।