कबहु का अर्थ
[ kebhu ]
कबहु उदाहरण वाक्य
परिभाषा
क्रिया-विशेषण- किसी समय भी:"जीवन में कभी भी गलत काम मत करो"
पर्याय: कभी भी, वक्त-बेवक्त, वक़्त-बेवक़्त, मौक़ा-बेमौक़ा, मौका-बेमौका, समय-कुसमय
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- अब तो ये आवाज कबहु नहीं ठीक होगी।
- कबहु डडा स्वर चलत है कभी पिंगला माही।
- पत्रकार के चिट्ठे पे कबहु विवेकी न जाइ
- कांग्रेस पार्टी कबहु नाकाम नाही हो सकत ।
- कबहु इडा स्वर चलत है कभी पिंगला माही।
- उत्सुकतावश यदि जाइ तो कबहु न टिपियाइ ! !
- झूठ-मूठ के कबहु रिसावा , मातु-पितू का नेह कमावा
- कबहु उडिन आँखिन पड़े , तो पीर घनेरी होए.”
- नानक पिंडु बखसीस का कबहु निखूटसि नाहि।।
- पुर्जा पुर्जा कट मरे कबहु ना छाडे खेत ! !