जयेत् का अर्थ
[ jeyet ]
जयेत् उदाहरण वाक्य
उदाहरण वाक्य
- एवं सन्ध्या विधि कृत्वा गायत्रीं च जयेत् स्मरेत् ।।
- प्रयोक्तव्यां षदैवादी द्वि गुणानैब यो जयेत् .
- विदुरनीति में कहा गया है कि - न स्वप्नेन जयेनिद्रां न कामेन जयेत् स्त्रियः।
- “ अक्रोधेन जयेत् क्रोध ! आर ” का अर्थ “ क्रोध को नम्रता से निपटे ” ऐसा होता पर बाबासाहब माँ का क्रोध और हत्यारों के क्रोध में फर्क करके हमें मौ के क्रोध की करनी जरुरी है , और हमने माँ के क्रोध के जरिए क्रान्ति को अपनाना चाहि ए.