डँसना का अर्थ
[ densenaa ]
डँसना उदाहरण वाक्य
परिभाषा
क्रियाउदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- उत्तर दोगे ! फिर कैसे सीखा डँसना? विष कहाँ पाया?
- मणि मिल जाये तो क्या साँप डँसना छोड़ देता है।
- फिर ये जहर कहाँ से पाया ये डँसना कहाँ सीखा ? ”
- एक कथा में बुद्ध ने भी डँसना छोड़ने वाले सांप को यही शिक्षा दी थी कि समय-समय पर फुंफकारते रहना चाहिए .
- रास्ते में एक बांबी के पास भाषक नामक नाग ( सर्प ) घोड़े के सामने आ जाता है एवं तेजा को डँसना चाहता है।
- मच्छर बना जाते हैं हिंसक हमें खटमल भर देते हैं नफ़रत हममें कछुआ सिखा देता है ढाल बनाना साँप सिखा देता है अपनों को डँसना .
- जब तेरी ये काली नागिन सी जुल्फें डँसना छोड़ देंगी , जब तेरे चाँद से चेहरे पर उम्र अपना असर छोड़ देगी , काली काली आंखों के ऊपर वाली काली भौहें सफेद रंग में रंग जाएंगी , तभी मेरा प्रेम कम न होगा।
- बड़ी गहरी बात , झूठी जाति , नाटक ही नाटक ! किसे दिखाना और क्या ? समाज के इसी रवैये से मुझे घृणा है , इंसानियत को परे करके चलता है ........ सांप ! अज्ञेय की पंक्तियाँ हैं ना- ' सांप तुम सभ्य तो हुए नहीं शहर में बसना भी तुम्हे नहीं आया एक बात पूछूँ , उत्तर दोगे ? किस्से सीखा डँसना विष कहाँ से पाया ???????????