नाड़ीव्रण का अर्थ
[ naadeivern ]
नाड़ीव्रण उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञा- दूर तक गया हुआ नली का-सा छोटा घाव जिससे बराबर मवाद निकलता रहता है:"कई सालों तक दवा कराने के बाद उसका नासूर ठीक हुआ"
पर्याय: नासूर
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- 14 नासूर - इसे नाड़ीव्रण भी कहते हैं।
- दूसरे प्रकार के रोगों में अश्मरी , पुटो (सिस्ट), अर्बुद और नाड़ीव्रण या फिस्चुला हैं।
- दूसरे प्रकार के रोगों में अश्मरी , पुटो (सिस्ट), अर्बुद और नाड़ीव्रण या फिस्चुला हैं।
- प्रश्न-3 भगंदर रोग क्या क्षारसूत्र थैरपी के बाद नाड़ीव्रण की पुनरावृत्ति हो सकती है ?
- इसी तरह नासूर का अर्थ नाड़ीव्रण दिया हुआ है अर्थात नाड़ी तक गहराई वाला घाव या फोड़ा।
- ( 4) मूत्राशय-योन नाड़ीव्रण (fistula)- मूत्राशय का निचा हिस्सा प्रसव के समय आधात से, अथवा दुर्दभ्य अर्बुद से विदीर्ण हो जाता है और मूत्र हर समय योनिपथ से टपकता रहता है।
- अडूसा ( वासा ) के 50 मिलीलीटर काढे़ में एक चम्मच गेरू और 2 चम्मच शहद मिलाकर मुंह में रखने करने से मुंह के छाले , नाड़ीव्रण ( नाड़ी के जख्म ) नष्ट होते हैं।
- अडूसा ( वासा ) के 50 मिलीलीटर काढे़ में एक चम्मच गेरू और 2 चम्मच शहद मिलाकर मुंह में रखने करने से मुंह के छाले , नाड़ीव्रण ( नाड़ी के जख्म ) नष्ट होते हैं।
- जब कोई व्रण ( फोड़ा ) बिगड़ जाता है और बढ़ा हुआ गन्दा मुवाद रक्त में मिलकर शरीर की नस नाड़ियों में प्रविष्ट हो जाता है और पीछे किसी भाग से शनैः शनैः बहने लगता है तो इस प्रकार के व्रण ( फोड़े ) को नासूर वा नाड़ीव्रण कहते हैं ।