निक्षुभा का अर्थ
[ nikesubhaa ]
निक्षुभा उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञा- सूर्यदेव की एक पत्नी:"पुराणों में निक्षुभा के पूजन का भी विधान है"
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- सूर्य की चार पत्नियाँ रजनी , निक्षुभा, छाया और सुवर्चसा मूर्ति के दोनों तरफ़ हैं।
- सूर्य की चार पत्नियाँ रजनी , निक्षुभा, छाया और सुवर्चसा मूर्ति के दोनों तरफ़ हैं।
- सूर्य की चार पत्नियाँ रजनी , निक्षुभा , छाया और सुवर्चसा मूर्ति के दोनों तरफ हैं।
- सूर्य की चार पत्नियाँ रजनी , निक्षुभा , छाया और सुवर्चसा मूर्ति के दोनों तरफ हैं।
- संज्ञा के सुरेणु , राज्ञी , द्यौ , त्वाष्ट्री एवं प्रभा आदि अनेक नाम हैं तथा छाया का ही दूसरा नाम निक्षुभा है।
- पहले मग आचार्य पहले ब्राह्मण सुजिह्वा की पुत्री निक्षुभा और स्वयं सूर्यदेव के संयोग से उत्पन्न हुये , सकल ब्राह्मणों में श्रेष् ठ. ..
- इसके ऊपरी स्तर पर दक्षिण वाम पार्श्वों में लेखनी और पत्रधारी लम्बकूर्च पिंगल , खड्गीदण्ड तथा उनके दोनों ओर चामधारिणी निक्षुभा तथा जाग्यी , चारों अधिक प्रमुखता के साथ चित्रित हैं।
- प्राचीन साहित्य में यत्र तत्र प्रभा , छाया, उषा, प्रत्यूषा और निक्षुभा आदि को भी सूर्य की पत्नी के रूप में बतलाया गया है परंतु इनके बारे में विस्तृत विवरण नहीं है।
- प्राचीन साहित्य में यत्र तत्र प्रभा , छाया , उषा , प्रत्यूषा और निक्षुभा आदि को भी सूर्य की पत्नी के रूप में बतलाया गया है परंतु इनके बारे में विस्तृत विवरण नहीं है।