भाठी का अर्थ
[ bhaathi ]
भाठी उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञाउदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- भजन - उरध मुख भाठी , अवटौं कौनी...
- कबीर भाठी कलाल की , बहुतक बैठे आई।
- कबीरदास कहते हैं-कबीर भाठी कलाल की , बहुतक बैठे आई।
- कबीरदास कहते हैं-कबीर भाठी कलाल की , बहुतक बैठे आई।
- भाठी भवनु प्रेम का पोचा इतु रसि अमिउ चुआईऐ - गुरु नानक
- गुरबानी का जो प्रसिद्ध उद्धरण दिया है- भाठी भवनु प्रेम का पोचा इतु रसि अमिउ चुआईऐ - गुरु नानक मेरा मानना है कि यहां अमृत से ही रिश्ता है।
- मदद के नाम पर उसे ग्राम पंचायत भाठी सेंगर के माध्यम से सिर्फ 150 रुपए प्रतिमाह मिल रहा है , जो उसकी स्कूल की फीस के लिए नाकाफी है।
- लेकिन भाठी मा आग दे के फ़ेर सो जायेगा , ओर फ़ेर उन्हि गध्या(गधो) के पाछे भाज्या फ़िरेगा....सच मै जिस दिन इस रामदयाल के अकल आजावे गी वो दिन बहुत अच्छा होगा
- जो अपना सर सौंप दे , वही इसका पान कर सकता है- ' कबीर भाठी कलाल की , बहुतक बैठे आई / सिर सौंपे सोई पिवै , नहिं तो पिया न जा ई. '
- रीवा जिले की मऊगंज तहसील के ग्राम पंचायत भाठी सेंगर के ग्राम हर्रई मुड़हान के निवासी कृष्णकुमार केवट कहने को तो बगैर हाथों का है , लेकिन उसने अपने हौसलों , मजबूत इरादों और आत्मविश्वास से आम इंसानों को भी पीछे छोड़ दिया है।