मुश्कबू का अर्थ
[ mushekbu ]
मुश्कबू उदाहरण वाक्य
परिभाषा
विशेषण- जिसमें मुश्क या कस्तूरी की सुगंध हो :"उसके हाथ में एक मुश्कबू वस्तु है"
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- सिवाए बादा-ए-गुल्फामें ( सुन्दर) मुश्कबू (कस्तूरी या सुगंध ) क्या है !!”
- जो तेरी यादों से मुश्कबू हैं
- [ तलब ए मुश्कबू = कस्तूरी कि सुगंध कि चाह ] [
- निखर गये हैं गुलाब सारे जो तेरी यादों से मुश्कबू * हैं
- musk ] वो चीज़ जिसके लिए हमको है बहिश्त अजीजसिवा ऐ बादा ऐ गुलफाम ऐ मुश्कबू क्या है?
- हुक्म की तामील हो . निखर गये हैं गुलाब सारे जो तेरी यादों से मुश्कबू * हैंजो तेरे उश्शाक़ * का लहू हैंजय हो !
- हुक्म की तामील हो . निखर गये हैं गुलाब सारे जो तेरी यादों से मुश्कबू * हैं जो तेरे उश्शाक़ * का लहू हैं जय हो !
- बहार आई तो जैसे एक बारलौट आए हैं फिर अदम सेवो ख्ह्वाब सारे , शबाब सारेजो तेरे होंठों पे मर मिटे थेजो मिट के हर बार फिर जिए थेनिखर गये हैं गुलाब सारेजो तेरी यादों से मुश्कबू हैंजो तेरे उश्शाक का लहू हैंउबल पड़े हैं अज़ाब
- बहार आई तो जैसे एक बार लौट आये हैं फिर अदम * से वो ख़्वाब सारे , शबाब सारे जो तेरे होंठों पे मर मिटे थे जो मिट के हर बार फिर जिये थे निखर गये हैं गुलाब सारे जो तेरी यादों से मुश्कबू * हैं जो तेरे उश्शाक़ * का लहू हैं
- बहार आई तो जैसे एक बार लौट आए हैं फिर अदम से वो ख्ह्वाब सारे , शबाब सारे जो तेरे होंठों पे मर मिटे थे जो मिट के हर बार फिर जिए थे निखर गये हैं गुलाब सारे जो तेरी यादों से मुश्कबू हैं जो तेरे उश्शाक का लहू हैं उबल पड़े हैं अज़ाब सारे मलाल-ए-अहवाल-ए-दोस्तां भी खुमार-ए-आगोश-ए-महवशां भी गुबार-ए-खातिर के बाब सारे तेरे हमारेसवाल सारे, जवाब सारे बहार आई तो खुल गये हैं नये सिरे से हिसाब सारे।