सुतही का अर्थ
[ suthi ]
सुतही उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञाउदाहरण वाक्य
- प्रेमचंद अपनी कथाओं में नैतिकता के बड़े आग्रही रहे मगर निजी जीवन में गरीबो को सुतही ( ब्याज -कर्ज ) पर रूपये बांटते थे ...
- चार्वाक नाम के एक दार्शनिक हुए हैं जिन्होंने उधारी को प्रोत्साहित करके एक परम्परा की नींव ही डाल दी मानो -मगर वह समय सूदखोरों महाजनों का था -लोग सुतही ( आन इंटरेस्ट ) पैसे बाटते थे और अनाप शनाप व्याज लगा कर वसूली करते थे -इस काम में तब के पुरोहित पंडित भी ऐसे महाजन के मददगार होते थे -जो पैसा वसूलने के नाम पर तरह तरह के हथकंडे -स्वर्ग नरग और अगले जन्म तक की देनदारी के भय दिखाते थे ...