सुमिरन का अर्थ
[ sumiren ]
सुमिरन उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञा- नौ प्रकार की भक्तियों में से वह जिसमें उपासक अपने देवता को बराबर याद करता रहता है:"कुछ भक्त काम करते हुए भी प्रभु का स्मरण करते रहते हैं"
पर्याय: स्मरण, नाम स्मरण, संस्मरण - किसी देवता के मंत्र, नाम या वाक्य का बार-बार किया जानेवाला उच्चारण:"वह प्रतिदिन सुबह उठकर जप करता है"
पर्याय: जप, जाप, नाम स्मरण, अहुत
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- सातवां सुमिरन सालिग्राम का , और तुलसी महारानी का
- आठवां सुमिरन गुरुदेव का , चरनन की बलिहारी का
- सुमिरन सब करे , सुख में करे न कोय।
- hainनिशा : सुमिरन, मैं इंडिया नोयडा में रहती हूँ.
- hainनिशा : सुमिरन, मैं इंडिया नोयडा में रहती हूँ.
- और सत्यपुरुष का सुमिरन ही सार है ।
- और वही सुमिरन भजन और ध्यान कारगर होगा।
- जो सुख में सुमिरन करे- एलिजाबेथ रॉट से
- भोगे जो भोग पहिले , उनका न होवे सुमिरन,
- राम को पाने के लगए सुमिरन आवश्यक है।