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hypaethral मीनिंग इन हिंदी
hypaethral उदाहरण वाक्य
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- All these would constitute a class of hypaethral temples , that is , temples open to the air and devoid of a roof over the object of worship .
इस प्रकार के सभी मंदिर जो बिना छत वाले तथा खुली हवा वाले थे , छतविहीन मंदिरों की श्रेणी में आते हैं . - THE HYPAETHRAL TEMPLES The worship of trees as the abode of spirits and gods was once very popular .
छतविहीन मंदिर* एक समय में देवताओं तथा आतऋ-ऊण्श्छ्ष्-माओं के वाससऋ-ऊण्श्छ्ष्-थान के रूप में वृक्षों की पूजा का बडऋआ प्रचलन था . - The idea was further elaborated by the Buddhists in the large hypaethral stupa forms at Sankaram -LRB- Visakhapatnam district , Andhra Pradesh -RRB- .
इस विचार को बौद्धों द्वारा शंकरम् ( जिल विशाखापट्टनम , आध्रं प्रदेश ) में विशाल खुले , छत रहित स्तूप आकारों में आगे विस्तार दिया गया . - The only difference is that while the early examples surround hypaethral shrines which are not covered by a roof , the later malikais surround roofed shrines or vimanas containing the object of worship or the deity .
अंतर केवल इतना है कि प्रारंभिक उदाहरण छतविहीन मंदिरों के हैं और बाद के उदाहरण छत वाले मंदिरों अथवा विमान सहित मंदिरों के हैं जिनमें पूजा विग्रह की स्थापना होती थी . - This instance of hypaethral temple is represented by a similar ancient construction on the Rangasami peak in the Coimbatore district , with a menheir or upright stone , having a trident or trisula planted in front and surrounded by a rubble wall .
छतविहीन मदिर का एक प्राचीन उदाहरण , कोयंबटूर जिले की रंगास्वामी पीक पर उपलब्ध है जहां पर एक ऊर्ध्वमुखी प्ररस्तर स्तंभ धरती में गाड़ा गया है , उसके सामने एक त्रिशूल विद्यमान है तथा पत्थर के छोटे छोटे टुकड़ों से इस स्तंभ को घेर दिया गया - Recent excavations in the Gudimallam temple in Chittoor on the Tamil Nadu-Andhra border have revealed the fact that the linga with its pitha , both of sandstone , were originally hypaethral in the second century BC .
अभी हाल में , तमिल तथा आंध्र पदेश के सीमावर्ती जिले चित्तूर स्थित गुडिमल्लम मंदिर की खुदाई से पता चलता है कि ईसा पूर्व दूसरी शती में लिंग तथा पीठ दोनों ही बहुले पत्थर के बने होते थे और वे मुक़्ताकाशी मंदिरों में स्थापित रहते थे , जहां इनकी पूजा होती थी . - In Nagarjunakonda and other Andhra Buddhist sites , the brick-built chaitya temples are associated with viharas or monasteries , where they are often found as apsidal structures on either side of the passage behind the main vihara entrance , or are found in pairs in front of the major stupas or maha-chaityas , which were themselves open or hypaethral temples , facing each other .
आंध्र प्रदेश के नागार्जुनकोंडा तथा दूसरे बौद्ध स्थलों पर ईंटों के बने चैत्य मंदिर विहार अथवा मठ से ही संबद्ध रहे हैं.यह अधिकतर विहार के प्रवेशद्वार से लगे दालान के दोनों और अथवा मुख़्य स्तूप और महाचैत्य के अगल-बगल बने मिलते हैं.ये चैत्य बहुधा बिना छतवाले थे , इनमें से एक में स्तूप होता था तथा उसे स्तूप चैत्य कहते थे .
परिभाषा
विशेषण.- partly or entirely open to the sky
पर्याय: hypethral