शीत ज्वर उदाहरण वाक्य
उदाहरण वाक्य
- गला, पेट, आंखों में तकलीफ, रक्त विकार, कान का दर्द, चर्मरोग, वातरोग या शीत ज्वर पीड़ा का भय बना रहता है।
- स्वास्थ्य संबंध छोटी छोटी परेशानियां रहेंगी, शारीरिक थकान, शीत ज्वर आदि बीमारियों के प्रति जागरुक रहें, खान-पान का विशेष ध्यान रखें।
- महर्षि सायणाचार्य के अनुसार लोहे के कुठार को अग्नि में गरम करके पानी में बुझा कर उससे शीत ज्वर के रोगी का सिंचन किया जाना चाहिए।
- कुछ लोग कहते हैं कि उसे जहर दिया गया था और कुछ का कहना है कि असने आत्मदाह किया था और कुछ लोगों के मतानुसार उसकी मृत्यु शीत ज्वर के कारण हुई थी।
- पेट के दर्द में-हुरहुर के पत्ते का रस सेंधा नमक मिलाकर पीना चाहिए | शीत ज्वर में-हुरहुर के पत्तों का अर्क ज्वर आने के पहले दोनों कानों में छोड़ना चाहिए | सूजन-हुरहुर के पत्तों के रस में लोहे का मुर्चा मिलाकर लगाने से सूजन जल्दी दूर होती है | उपर | आगे |
- फूल पँछी, फव्वारे, वह घूम रहा है..निश्प्रयोजन..और सहसा, एक मोटरकार बाग मेँ घूस आयी और बेतहाशा तेज रफ्तार से फूलोँ को उजाडती हुई रोहित को धक्क्का देती हुई, होर्न बजाती हुई निकल गई...रोहित कोौर कन्डीशन कमरे मेँ भी शीत ज्वर हो आया.वह काँपने लगा-ये क्या था? उसका जीवन उस गाडी की तरह था क्या? जो फूलोँ को रौँद कर निकल गया?