अनयन का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसी दास ने इस समस्या का वर्णन अपने अमर शब्दों में इस प्रकार किया है - गिरा अनयन नयन बिनु वाणी .
- आपके तेवर तो मुझे घेवर जैसे मीठे लगते हैं , कुछ कहेंगे या गिरा अनयन, नयन बिनु बानी का फ़ेज़ चल रहा है, आपका ? सादर
- तुलसी दास जब कहते हैं , “ श्याम गौर किमि कहौं बखानी , गिरा अनयन नयन बिनु बानी ” , तब हमें उनकी वैज्ञानिक दृष्टि आश्चर्य चकित कर देती है।
- वो जब रामजी ने सीताजी को देखा , तो उस समय का वर्णन तुलसीदासजी कुछ ऐसे करतें हैं की गिरा अनयन नैन बिन वाणी अब जो मैं कहीं भूले भटके ख़ुद को समझ ही लूँ, तो भी, समझाऊँ कैसे?
- चंचल , चपल , नटखट तो आपने बहुत देखे सुने होंगे , मगर हमारे बाराबंकी शहर वाली में जो बात है , बखान कैसे करें ? गिरा अनयन , नयन बिन्तु बानी इस चंचल का कहीं ठिकाना नहीं , राणा प्रताप के घोड़े के समान यहाँ है तो वहाँ नहीं वहाँ है तो यहाँ नहीं।
- पूनम जी , सर्वप्रथम यदि पिछले ५ ० दशक पीछे जन्म लेती तो आप सायद सामाजिक जातिवाद के आधार पर भेदभाव देखकर दम तोड़ देती , जिसका छिटपुट चित्रं आप पुराने साहित्यकारों की रचना में देख सकती है , या अभी भी आप भारत के अनयन पिछड़े गाँव में जाए और देखे उस जातिगत व्यवहार को ! और दूसरी बात हमे ढर्रे पर चलने की आदत है , हो सकता है की आज के सामाजिक परिवेश के फिर से आकलन की जरुरत आ गई है , इक नए फार्मूले की , क्यूंकि अब स्थिति इतनी भयावह नहीं है