आरज का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- आप के लिए एक और भजन जिसे मैंने कुछ साल पहले सुना था - इक चड्डी दिखाऊ तब के पापुलर गाने काँटा लगा के ऊपर था - आरज किया है
- मेरे देर से घर लौटने पर तुम्हारी चिंता और गुस्से पर आक्रोश मेरा आरज कर देता है मुझे शर्मिंदा , जब अपनी बेटी को देर होने पर डूब जाती हूँ मैं चिंता में।
- होता हिन्दू हतास , नमतो जे राणा न्रपत | सबल फता साबास , आरज लज राखी अजां || करजन कुटिल किरात , सकस न्रपत गहिया सकल | हुवो न तुंहिक हात , सिंघ रूप फतमल सबल ||
- होता हिन्दू हतास , नमतो जे राणा न्रपत | सबल फता साबास , आरज लज राखी अजां || करजन कुटिल किरात , सकस न्रपत गहिया सकल | हुवो न तुंहिक हात , सिंघ रूप फतमल सबल ||
- रज आरज लागो मेरी अंखियन , रोग दोष जंजाल माँ, हर्पीज़ और आदिम चाँदनी यह कोई आदिम युग ही होगा ,आधी-आधी रात तक जागे रहते हैं वे लोग.साँसे रोक,चाँद उगने की प्रतीक्षा में! जब कि सन्तरई-नीली चाँदनी ने पहले ही पहाड़ के पीछे वाली घाटी में बिछना शुरू कर दिया है.
- ये पंक्तियां अत्यंत कारुणिक हैं जिनमें भारतेंदु अपने इतिहास के पन्नों को पलटते दिखते हैं : - ‘ जग में घर की फूट बुरी , घर की फूटहिं सों बिन साई सुबरन लंक पुरी , फूटहिं सों सब कौरव नासै , भारत युद्ध भयो , जाको घारो या भारत में अबलो नहिं पुज्यो , फूटहिं सों जयचंद बुलायो , जबरन भारत धाम , जाको फल अबलौं भोगता सब , आरज होई गुलाम।
- ये पंक्तियां अत्यंत कारुणिक हैं जिनमें भारतेंदु अपने इतिहास के पन्नों को पलटते दिखते हैं : - ‘ जग में घर की फूट बुरी , घर की फूटहिं सों बिन साई सुबरन लंक पुरी , फूटहिं सों सब कौरव नासै , भारत युद्ध भयो , जाको घारो या भारत में अबलो नहिं पुज्यो , फूटहिं सों जयचंद बुलायो , जबरन भारत धाम , जाको फल अबलौं भोगता सब , आरज होई गुलाम।