कुलहीन का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- कल-कल कर बह रहा मुक्त जो , कुलहीन वह जल है किसी गेह का नही दीप जो , हम वह द्युति कोमल है .
- एक दम ज़ोर से बोल उठी , ' नहीं , नहीं , रुको , रुक जाओ ! मैं कुलहीन पुरुष का वरण नहीं करूँगी . '
- अर्थात् कुख् यात ग्राम का वास , कुलहीन व् यक् ति की सेवा , कुभोजन , गुस् सैल पत् नी , मूर्ख पुत्र और विधवा कन् या।
- अर्थात् कुख् यात ग्राम का वास , कुलहीन व् यक् ति की सेवा , कुभोजन , गुस् सैल पत् नी , मूर्ख पुत्र और विधवा कन् या।
- बंधु बांधवों से बैर करना , नीचों की संगति तथा कुलहीन की सेवा करना यह सभी स्थितियां प्रथ्वी पर ही नरक भोगने का प्रमाण है।'' गम्यते यदि मृगेन्द्र-मंदिर लभ्यते करिकपोलमौक्तिम्।
- हल्दी अपना पीला रंग नहीं छोड़ती , आम अपनी खटास नहीं छोड़ता, इसी प्रकार कुलीन और शीलवान लोग अपने गुण नहीं छोड़ते, और वर्णसंकर कुलहीन लोग अपने अवगुण नहीं छोड़ते ।।
- हल् दी अपना पीला रंग नहीं छोड़ती , आम अपनी खटास नहीं छोड़ता , इसी प्रकार कुलीन और शीलवान लोग अपने गुण नहीं छोड़ते , और वर्णसंकर कुलहीन लोग अपने अवगुण नहीं छोड़ते ।।
- स्वभाव से ही उदासीन , गुणहीन , निर्लज्ज , बुरे वेष वाला , नर-कपालों की माला पहनने वाला , कुलहीन , बिना घर-बार का , नंगा और शरीर पर साँपों को लपेटे रखने वाला शिव तुम्हारे योग्य नहीं है।
- स्वभाव से ही उदासीन , गुणहीन , निर्लज्ज , बुरे वेष वाला , नर-कपालों की माला पहनने वाला , कुलहीन , बिना घर-बार का , नंगा और शरीर पर साँपों को लपेटे रखने वाला शिव तुम्हारे योग्य नहीं है।
- “अत्यंत क्रोध करना अति कटु कठोर तथा कर्कश वाणी होना , निर्धनता, अपने ही बंधु बांधवों से बैर करना, नीचों की संगति तथा कुलहीन की सेवा करना यह सभी स्थितियां प्रथ्वी पर ही नरक भोगने का प्रमाण है।” गम्यते यदि मृगेन्द्र-मंदिर