कूआँ का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- लोग पूछते , ” काहें कूआँ में कूदि गइल हो ? ( कुएँ में क्यों कूद गए ? ) ” , बित्तन पूछते , “ सब केहू आ गईल कि नाहिँ ( सभी लोग आ गए कि नहीं ? ) ” ।
- यूहन्ना ४ : २५ में सामरी स्त्री ने भविष्य के तरफ लक्षित होते हुये ऐसे कहा, “मैं जानती हूँ कि मसीह जो ख्रीष्ट कहलाता है, आने वाला है, जब वह आयेगा, तो हमें सब बातें बता देगा” और मनुष्य लोग जैसा वे भी भविष्य के प्रति आशावादी होकर अतीत की बातों में ही अथवा याकूब का कूआँ प्रति अभिरूची रखते है।
- यीशु ने उत्तर दिया , “यदि तू परमेश्वर के वरदान को जानती, और यह भी जनती कि वह कौन है जो तुझसे कहता है, 'मुझे पानी पिला' तो तू उससे माँगती, और वह तूझे जीवन का जल देता।” स्त्री ने उससे कहा, “हे प्रभु, तेरे पास जल भरने को तो कुछ है भी नहीं और कूआँ गहरा है, तो फिर जीवन का जल तेरे पास कहाँ से आया?
- बच्चे थोड़े बड़े हो गए और आप बस यूँ ही पूछ बैठे उस की शादी के बारे में , बस आ गयी आफत | दहेज़ , बेरोजगारी , सामाजिक विभेद जैसी सारी समस्याओं पर सुन लीजिये | अगर आप ने ये सब सोच कर पूछा ही नहीं , तब असामाजिक होने का तमगा देने में पल भर का भी विलम्ब न होगा | अब आप क्या करें इधर कूआँ उधर खाई .........