जगण का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- दोहे के लिए जगण / मगण का ख्याल और अंत में लघु मात्रा का ध्यान.
- विषम चरण के अंत में जगण ( ढ्ढ स् ढ्ढ ) न रहे।
- सम चरणों के अन्त में जगण यानी लघु , दीर्घ, लघु मात्राएं होती हैं।
- चौपाई के अंत में जगण ( लघु-गुरु-लघु) तथा तगण (गुरु-गुरु-लघु) वर्जित कहे गये हैं.
- इस आलेख में उद्धृत छंदों में भी जगण का प्रयोग हुआ है .
- यगण , मगण , तगण , रगण , जगण , भगण , नगण , सगण
- यगण , मगण , तगण , रगण , जगण , भगण , नगण , सगण
- कहीं आ जाए तो उसे अपवाद मानें किन्तु स्वयं जगण का प्रयोग न करें .
- प्रत्येक चरण में कुल द ८ वर्ण तथा जगण , रगण एवं लघु गुरु होते हैं।
- 5 . त्रिभंगी के चौकल 7 मानें या 8 जगण का प्रयोग सभी में वर्जित है।