जपजी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- जपजी साहिब - 16 में कुल चौबीस पंक्तियाँ हैं जिनमें से चार को यहाँ लिया जा रहा है ।
- श्री जपजी साहिब श्री गुरु ग्रन्थ साहिब में पृष्ठ - 1 से पृष्ठ - 8 तक में स्थित हैं ।
- समागम की समाप्ति के बाद अटूट लंगर लगाया गया व साध संगत को जपजी साहिब के गुटके वितरित किए गए।
- ' जपजी ' का सिक्खों के लिए वही महत्त्व है , जो हिन्दुओं के लिए ' गीता ' का है।
- ' जपजी ' का सिक्खों के लिए वही महत्त्व है , जो हिन्दुओं के लिए ' गीता ' का है।
- ' जपजी ' का सिक्खों के लिए वही महत्त्व है , जो हिन्दुओं के लिए ' गीता ' का है।
- [ ख ] जपजी साहिब का आदि ही अनंत से होता है फिर आप सोचिये इसका अंत कैसा होगा ?
- जपजी मूल मंत्र सूत्र - 8 SAIBHANG . ... SELF RADIATING अब हम मूल मंत्र के आठवें चरण पर हैं ।
- समागम की समाप्ति के बाद अटूट लंगर लगाया गया व साध संगत को जपजी साहिब के गुटके वितरित किए गए।
- दिन भर के कर्म का रस यदि लेना हो तो रात्री में सोते संमय आप जपजी का पाठ जरुर करें ।