झूमरी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- नेट के मसिजीवी या दिल्ली के नीलाम्बुज सिंह या झूमरी तलैया के लालकमल सिंह अगर इसमें हैं तो सिर्फ़ चलते-चलाते . यानी जितना ज़रूरी था उतने.
- नेट के मसिजीवी या दिल्ली के नीलाम्बुज सिंह या झूमरी तलैया के लालकमल सिंह अगर इसमें हैं तो सिर्फ़ चलते-चलाते . यानी जितना ज़रूरी था उतने .
- मुंबई में बारिश शुरू होते ही देश के सबसे उन्नत और मॉडर्न समझे जानेवाले इस इंटरनैशनल शहर की सड़कों की दुर्दशा तपाक से उसे झूमरी तलैया बना देती है।
- जब कभी वह हजारीबाग जाता , या कोडरमा जाता , या झूमरी तलैया जाता , या कलकत्ता जाता , तो इसी तरह गली के नुक्कड़ पर रिक्शा आकर रुकता।
- - बस सर , झूमरी तलैया का डीजे है , दरभंगा का आर्केस् ट्रा साथ में डिनर , हमारे यहां तो आपको मालूम ही है , वेज है , दारू सारू तो चलता नहीं है
- - बस सर , झूमरी तलैया का डीजे है , दरभंगा का आर्केस् ट्रा साथ में डिनर , हमारे यहां तो आपको मालूम ही है , वेज है , दारू सारू तो चलता नहीं है
- झूमरी तलैया कोडरमा परम पूज्य 108 मुनि श्री प्रमाणसागर जी ससंघ का पावन वर्षायोग ( चातुर्मास) 2012 कोडरमा (झारखंड) में स्थापित धन्य व पावन नगरी हो जाती है वहां ! दिगम्बर संतो के भव्य चातुर्मास होते हैं जहाँ !!
- तो ये सब बहस किस लिये . आप को जो पढना है , पढें न पढना है न पढें पर कम से कम इतनी बात तो समझ लें कि यह माध्यम बेलाग , बेबाक अभिव्यक्ति का माध्यम है और कम से कम इसमे तो कोई झूमरी तलैया या कचरा करने की कोशिश न करें .
- मिथिला तो सीता की भूमि है , इसलिए यहाँ पर राम-सीता की होली ना हो, ऐसे कैसे हो सकता है ? तो ये फगुआ है, राम-सीता पर- कंहवा ही राम जी के जन्म भयो हरी झूमरी अब कंहवा ही बाजे ले बधाई खेलब हरी झूमरी अजोधा में रामजी के जन्म भयो हरी झूमरी अब मिथिला में बाजे ले बधाई खेलब हरी झूमरी चिठिया ही लिखी-लिखी रामजी भेजाबे हरी झूमरी अब सखी सभ करू न सिंगार, खेलब हरी झूमरी किनकर हाथ मे बून्टबा , हरी झूमरी अब किनकर हाथे अबीर, खेलब हरी झूमरी रामजी के हाथ में
- मिथिला तो सीता की भूमि है , इसलिए यहाँ पर राम-सीता की होली ना हो, ऐसे कैसे हो सकता है ? तो ये फगुआ है, राम-सीता पर- कंहवा ही राम जी के जन्म भयो हरी झूमरी अब कंहवा ही बाजे ले बधाई खेलब हरी झूमरी अजोधा में रामजी के जन्म भयो हरी झूमरी अब मिथिला में बाजे ले बधाई खेलब हरी झूमरी चिठिया ही लिखी-लिखी रामजी भेजाबे हरी झूमरी अब सखी सभ करू न सिंगार, खेलब हरी झूमरी किनकर हाथ मे बून्टबा , हरी झूमरी अब किनकर हाथे अबीर, खेलब हरी झूमरी रामजी के हाथ में