डांड़ का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- जनम में लो , मरन में लो, सादी मेंलो, गमी में लो, खेती करते हो, लेन-देन करते हो, दलाली करते हो, किसीसे कुछभूल-चूक हो जाय, तो डांड़ लगाकर उसका घर लूट लेते हो.
- जाहिर है परिधि अथवा चाहरदीवारी निर्माण के लिए जो महत्वपूर्ण घटक है वह भी स्कम्भ अर्थात खम्भा है ही जिसे चाहें तो डंडा , टहनी, सरिया, डांड़, स्तंभ कुछ भी कह सकते हैं मगर इनसे मनुश्य के आश्रय की सुरक्षा होती है और ये बाड़ का काम करते हैं।
- संज्ञाएँ जैसे- सोंटा ( डंडा), छेंहुकी (पतला छड़ी), चट्टी (चप्पल), कचकाड़ा (प्लास्टिक), चिमचिमी (पोलिथिन बैग), खटिया, ढ़िबरी (तेलवाली बत्ती), चुनौटी (तम्बाकूदान), बेंग (मेंढ़क), गमछा, इनार (कुँआ), अमदूर (अमरूद), सिंघारा (समोसा), चमेटा (थप्पड़), कपाड़ (सिर), नरेट्टी (गरदन), ठोड़ (होंठ), गाछी (पेड़), डांड़ (डाल या तना), सोंड़ (मूल जड़), भन्साघर (रसोई घर), आदि।
- व्यर्थ नहीं यह मिट्टी का तप , व्यर्थ नहीं बलिदान हमारा, व्यर्थ नहीं ये गीले आंचल, व्यर्थ नहीं यह आंसू धारा, है मेरा विश्वास अटल, तुम डांड़ हटा दो, पाल गिरा दो, बीच समुन्दर एक दिवस मिलने आयेगा स्वयं किनारा, मन की गति पग-गति बन जाये तो फिर मंजिल कौन कठिन है?
- होरी इन दोनों ही घटनाओं के लिए जिम् मेदार न था , लेकिन धर्म , बिरादरी और मरजाद के खूँटों में जकड़कर पहले उसे जुर्माना व डांड़ के बहाने कर्ज के दुष् चक्र में फंसाया गया फिर उसकी जमीन जायदाद गिरवी रखकर किसान से मजदूर होने के लिए बाध् य किया गया।
- जाहिर है परिधि अथवा चाहरदीवारी निर्माण के लिए जो महत्वपूर्ण घटक है वह भी स्कम्भ अर्थात खम्भा है ही जिसे चाहें तो डंडा , टहनी , सरिया , डांड़ , स्तंभ कुछ भी कह सकते हैं मगर इनसे मनुश्य के आश्रय की सुरक्षा होती है और ये बाड़ का काम करते हैं।
- जाहिर है परिधि अथवा चाहरदीवारी निर्माण के लिए जो महत्वपूर्ण घटक है वह भी स्कम्भ अर्थात खम्भा है ही जिसे चाहें तो डंडा , टहनी , सरिया , डांड़ , स्तंभ कुछ भी कह सकते हैं मगर इनसे मनुश्य के आश्रय की सुरक्षा होती है और ये बाड़ का काम करते हैं।
- आपने कौनसी बड़ी बात कर दी ? विश्वास आपको दिया गया है | यह वहीँ बात है कि आपको नाव के साथ में डांड़ भी दिया गया है | इसलिये विश्वास को आपने विकसित नहीं किया लेकिन उसकी आवश्यकता संकट से समय सबसे अधिक होती है | यह भी एक उपहार है और ध्यान देने के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण बात है | फिर आता है , इसके बाद क्या ? इसके बाद कुछ नहीं | ‘ विश्वास को कैसे बढ़ाये ? ' कुछ भी न करे सिर्फ विश्राम करे | आप कुछ कर भी नहीं सकते |