दारु हल्दी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- गेहूँ का मोटा दरदरा आटा 1 किलो , असगन्ध , शतावर , दारु हल्दी , आंबा हल्दी , विदारीकन्द , सफेद मूसली सब 50 - 50 ग्राम लेकर कूट पीसकर मिलालें ।
- दूसरा नुस्खा : गेरु , हल्दी , दारु हल्दी , मजीठ , बावची , हरड़ , बहेड़ा , आँ वला सब 10 - 10 ग्राम लेकर कूट-पीसकर मिला लें व शीशी में भर लें।
- दूसरा नुस्खा : गेरु , हल्दी , दारु हल्दी , मजीठ , बावची , हरड़ , बहेड़ा , आँ वला सब 10 - 10 ग्राम लेकर कूट-पीसकर मिला लें व शीशी में भर लें।
- साधारण हल्दी का उपयोग तो हम सभी अपने रोजाना के भोजन व औषधि के रुप में करते हैं लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि साधारण हल्दी के अलावा दारु हल्दी के भी अनेक औषधिय प्रयोग आयुर्वेद में बताए गए हैं।
- सरसों , हींग , बालवच , करजबीज , देवदाख मंजीज , त्रिफला , श्वेत अपराजिता मालकंगुनी , दालचीनी , त्रिकटु , प्रियंगु शिरीष के बीज , हल्दी और दारु हल्दी को बराबर-बराबर ले कर , गाय या बकरी के मूत्र में पीस कर , गोलियां बना कर , छाया में सुखा लें।
- सरसों , हींग , बालवच , करजबीज , देवदाख मंजीज , त्रिफला , श्वेत अपराजिता मालकंगुनी , दालचीनी , त्रिकटु , प्रियंगु शिरीष के बीज , हल्दी और दारु हल्दी को बराबर-बराबर ले कर , गाय या बकरी के मूत्र में पीस कर , गोलियां बना कर , छाया में सुखा लें।
- हल्दी का उबटन बनाने की विधि यह है कि दारु हल्दी दस ग्राम लेकर पीपल अथवा आक के दूध में डुबो दें और अच्छी तरह दूध को सोख लेने के बाद सायंकाल उसको घिसकर पेस्ट बना लें और किसी बर्तन में पेस्ट को रखकर ढक्कन बन्द कर दें तथा रात्रि को ओस में बाहर खुले में रख दें।
- इसके साथ कलश में चंदन , सर्वोषधि (मुरा, जटामांसी, वच, कुष्ठ, हल्दी, दारु हल्दी, सठी, चम्पक, मुक्ता आदि), दूब, पंचपल्लव (बरगद, गूलर, पीपल, आम, पाकर) और सप्तमृत्तिका (घुड़साल, हाथी खाना, बांबी, संगम नदियों की मिट्टी, तालाब, गौशाला और राजमहल के द्वार की मिट्टी) यदि आराधक सप्त जगह की मिट्टी एकत्र न कर पाए तो सुपारी और पंच रत्न आदि जल कलश में डाल सकते हैं।
- १ भाग , काले तिल ४ भाग, चन्दन ४ भाग, चिरायता २ भाग, छुहारे ४ भाग, तुलसी के बीज ४ भाग, गुग्गुल ३ भाग, चिरौंजी २ भाग, काकड़ासिङ्गी २ भाग, शतावर २ भाग, दारु हल्दी २ भाग, शंख पुष्पी १ भाग,पाद्मख २ भाग, कोंच के बीच १ भाग, जटामांसी १ भाग, भोजपत्र १ भाग, तुम्बर ५ भाग, राल ५ भाग, सुपारी २ भाग, घी ११.५ भाग, खाण्ड या बूर १५ भाग ।