परथन का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- अगर आप रोजाना में रोटी या फिर पराठा बनाते हैं तो थोड़ा सा सूखा आटा जिसे परथन भी कहते हैं उसे एक स्टील या प्लास्टिक के गोल डब्बे में अलग रख लें .
- बातों में स्मृति न हो , कल्पना न हो , फंतासी न हो तो वे बातें भले ही कितनी उपयोगीं हों क्या हृदय में रह पाएँगी ? क्या पुराने लोग यों ही कहते आ रहे हैं कि सच बात के लिए भी झूठ के परथन की ज़रूरत होती है।
- पर शब्दों के परथन लगते जाते हैं , टेढ़ी मेढ़ी होती रोटी गोल हो जाती है और चिमटे से छूकर पक जाती है- तभी तो कौर- कौर शब्द गले से नीचे उतरते हैं- मानना पड़ता है - खाना एक पर स्वाद अलग अलग होता है- कोई कविता पढ़ लेता है , कोई पूरी कहानी जान लेता है , कोई बस पेट भरकर चल देता है ...
- गले में सफेद मफलर बांधे क्यारियों के बीच मन्द-मन्द चलते वृद्ध कितने सुन्दर लगते हैं मगर इधर के वृद्ध इतना खांसते क्यों हैं एक ही खेत के ढ़ेले-सा सबका चेहरा जितना भाप था चेहरे में सब सोख लिया सूखा ने छप्पर से टपकते पानी में घुल गया देह का नमक कागज जवानी की ही थी मगर बुढ़ापे ने लगा दिया अंगूठा वक्त ने मल दिया बहुत ज्यादा परथन ।
- गले में सफेद मफलर बांधे क्यारियों के बीच मन्द-मन्द चलते वृद्ध कितने सुन्दर लगते हैं मगर इधर के वृद्ध इतना खांसते क्यों हैं एक ही खेत के ढ़ेले-सा सबका चेहरा जितना भाप था चेहरे में सब सोख लिया सूखा ने छप्पर से टपकते पानी में घुल गया देह का नमक कागज जवानी की ही थी मगर बुढ़ापे ने लगा दिया अंगूठा वक्त ने मल दिया बहुत ज्यादा परथन ।