यथामति का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- ' ' प्रशिक्षक- ‘‘ तो फिर देश के लिये आप क्या काम करेंगे ? इस प्रश्न का उत्तर बालक यथामति देते हैं।
- जैसे - यथामति ( मति के अनुसार ) , आमरण ( मृत्यु कर ) इनमें यथा और आ अव्यय हैं ।
- मैं तो सिर्फ यह चाहता हूँ कि उसमे बतायो गये प्रयोगो को दृष्टान्तरुप मानकर सब अपने अपने प्रयोग यथाशक्ति और यथामति करे ।
- ऊपर हमने यथामति प्रोग्राम की ओर इशारा कर दिया . मैंने पहले एक लेख और कुछ कहानियाँ भेजी थीं, आपने उन पर अपनी राय अभी तक नहींलिखी.
- साधो , जो पंडित के पोथे मे , सो हमारे अष्टावक्र भेजे में ! हम इस चुनाव के अधर्म युध्द में यथामति महापुरूषों का भविष्य बता रहे हैं ।
- नागर साहब कहते हैं-इस उपन्यास में मैंने अपना और आपका अपने देश के मध्यवर्गीय नागरिक समाज का तनाव-खिंचाव संस्कार-विचार असंगति-विसंगति , सीमा-उपलब्धि , गुण-दोष भरा चित्र ज्यों का त्यों आंकने का यथामति , यथासाहस प्रयत्न किया है।
- सत्यनारायण की पूजा में सत्य का स्वरूप और महिमा बतलाने वाले कितने ही श्लोक बडे उच्च भाव से भरे हुए हैं , उन्हे यहाँ देकर श्रीसत्यनारायण की यथामति की गई इस उपासना को मैं यहाँ समाप्त करता हूँ-
- सत्यनारायण की पूजा में सत्य का स्वरूप और महिमा बतलाने वाले कितने ही श्लोक बडे उच्च भाव से भरे हुए हैं , उन्हे यहाँ देकर श्रीसत्यनारायण की यथामति की गई इस उपासना को मैं यहाँ समाप्त करता हूँ- नारायणस्त्वमेवासि सर्वेषां च ह्रदि स्थित : प्रेरक : पैर्यमाणानां त्वया प्रेरित मानस : !! त्वदाज्ञां शिरसा धृत्वा भजामि जनपावनम नानोपासनमार्गणां भावकृद भावबोधक : !!
- पण्डित नरेद्र शर्मा के समस्त जीवन को देखने से , उनकी बातों को यथामति समझने के प्रयासों से तथा उनके बतलाये हुए रास्तों पर यथासंभव चलने के बाद , परिमार्जित व प्रबल होती गयी मेरी भावना के कारण ही आज मैं जिस मनोभूमि में हूँ, वहां ईश्वर कृपा ईश्वर भक्ति मुझे हर सुगम या कठिन परिस्थिती के मध्य भी संबल प्रदान करती है
- पण्डित नरेद्र शर्मा के समस्त जीवन को देखने से , उनकी बातों को यथामति समझने के प्रयासों से तथा उनके बतलाये हुए रास्तों पर यथासंभव चलने के बाद , परिमार्जित व प्रबल होती गयी मेरी भावना के कारण हीआज मैं जिस मनोभूमि में हूँ, वहां ईश्वर कृपा ईश्वर भक्ति मुझे हर सुगम या कठिन परिस्थिती के मध्य भी संबल प्रदान करती है गुरुमायी चिद्विलासनान्द