यम देव का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- यम देव के लिए उनकी बहन यमुना द्वारा प्रकट किए गए प्रेम भाव एवं सम्मान का प्रतीक यह भाई दूज आज तक हमारे हृदय में बसा . ..
- देवी भागवत में बताया कि नव मुखी रूद्राक्ष यमदेव के स्वरूप है अत : इसके धारक को कभी भी यम देव का भय नही रहता कहा है ,
- ऐसा गुरु पाकर नचिकेताऐसा जिज्ञासु अपना हठ छोडे तो क्यों ? क्या नश्वर सांसारिक आनंद के लिए? अविचल वैराग्य एवं विषयानुगतआनंद से पूर्णत:विरत तथा परमार्थिकनिष्ठा से ओत-प्रोत शिष्य पाकर यम देव परमात्मतत्व एवं मृत्युंजयी-विज्ञानपर विवेचन प्रारम्भ करते हैं।
- पहले वह कर्म होते हैं जो शुभ कल्याणकारी होते हैं एवं दूसरे वह जिनके प्रति मनुष्य आकर्षित होता है इसके साथ ही यम देव परमात्मा तत्त्व का विशद वर्णन करते हुए नचिकेत की शंकाओं का समाधान करते हैं तथा यही विषय इस गुरू शिष्य की वार्ता का आधार बने हैं .
- इस दिशा के स्वामी यम देव हैं . यह दिशा वास्तुशास्त्र में सुख और समृद्धि का प्रतीक होता है.इस दिशा को खाली नहीं रखना चाहिए.दक्षिण दिशा में वास्तु दोष होने पर मान सम्मान में कमी एवं रोजी रोजगार में परेशानी का सामना करना होता है.गृहस्वामी के निवास के लिए यह दिशा सर्वाधिक उपयुक्त होता है.