शख़्सी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- चुनांचे जहां नौई मफ़ाद ( सार्वजनिक हित ) का सवाल पैदा होता था आप से मशविरा लिया जाता था और आप शख़्सी अग़राज़ ( व्यक्तिगत हितों ) की सत्ह से बलन्द हो कर अपनी बे लाग राय का इज़हार फ़रमा देते थे और हदीसे नबवी “ मुशीर अमीन होता है।
- इस हदीस में जिस ज़रीफ़ व दक़ीक़ नुक्ते की तरफ़ इशारा किया गया है वह यह है कि लोगों की हिदायत और नसीहत हर तरह की शख़्सी और नफ़सानी ग़रज़ से ख़ाली होनी चाहिये ताकि इसकी अहमियत के अलावा लोगों के दिलों पर भी उसका असर हो और वह उन्हे बदल सके।
- जब तक़वा और परहेज़गारी , इमामत और ख़िलाफ़ की कसौटी हों और ऐसे लोग हुकूमती बागडोर संभालें तो तब जाकर समाज , इस्लामी समाज बनता है लेकिन जब इमामत और ख़िलाफ़ के चुनाव की कसौटी बदल जाए यानी सब से ज़्यादा दुनिया परस्त , सबसे ज़्यादा ख़्वाहिशों का ग़ुलाम , शख़्सी फ़ायदों को जमा करने के लिए सबसे ज़्यादा चालाक आदमी हुकूमत की लगाम संभाले तो नतीजा यह होगा कि इब्ने साद , शिम्र और इब्ने ज़ियाद जैसे लोग ज़्यादा होंगे और हुसैन इब्ने अली ( अ. )
- जब तक़वा और परहेज़गारी , इमामत और ख़िलाफ़ की कसौटी हों और ऐसे लोग हुकूमती बागडोर संभालें तो तब जाकर समाज , इस्लामी समाज बनता है लेकिन जब इमामत और ख़िलाफ़ के चुनाव की कसौटी बदल जाए यानी सब से ज़्यादा दुनिया परस्त , सबसे ज़्यादा ख़्वाहिशों का ग़ुलाम , शख़्सी फ़ायदों को जमा करने के लिए सबसे ज़्यादा चालाक आदमी हुकूमत की लगाम संभाले तो नतीजा यह होगा कि इब्ने साद , शिम्र और इब्ने ज़ियाद जैसे लोग ज़्यादा होंगे और हुसैन इब्ने अली ( अ. )