शुक्रगुजारी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- आईये आज शिक्षक दिवस पर हम सब अपने -अपने गुरु / शिक्षक/मार्गदर्शक/प्रेरणास्त्रोत के प्रति अपना आभार, अपनी कृतज्ञता , अपनी शुक्रगुजारी व्यक्त करते हैं और इस अवसर पर विशेष रूप से उन्हें नमन करते हैं और कहते हैं-
- अभी उस का शुक्रगुजारी का लेटर आया की अब वो चलने फिरने लगा , अब वो ठीक हो गया और उन की पत्नी की उंगलिया टेढ़ी हो गयी थी गठिया के रोग से वो भी ठीक हो गयी … .
- हसन के बिछड़ने पर दुःख है , क्या हुआ सासू माँ का ? उनकी शुक्रगुजारी की दुआ करते हुए यही कहूँगा की हसन जैसे सभी टैक्सी वाले हो जाए तो हम लोग कहीं से कहीं पहुँच जायेंगे (इस लाइन का लिटरेरी मतलब न निकलें वरना अर्थ का अनर्थ हो जाएगा, फिग्रतिव मतलब पढ़ें) ।
- बहुआयामी व्यक्तित्व के अति विनम्र महान शिक्षा विद पुण्यात्मा को हमारी विनम्र श्रद्धांजलि ! हम सब अपने -अपने गुरु / शिक्षक / मार्गदर्शक / प्र ेरणास्त्रोत के प्रति अपना आभार , अपनी कृतज्ञता , अपनी शुक्रगुजारी व्यक्त करते हैं और इस अवसर पर विशेष रूप से उन्हें नमन करते हैं और कहते हैं- ” गुरुर्ब्रह्मा , गुरुर्विष्णु , गुरुर्देवो महेश्वरः।
- यही वो वक़्त था जब विवेकानंद , रजनीश , खलील जिब्रान जैसे ज्ञान के महानायकों को पड़ने-समझने का मौका मिला और दूसरी और प्रत्यक्ष जीवन में मुख्तलिफ फ़नकारो से भी मिला मैं खुद भी नित नई ऊँचाइया छु रहा था दिल में बसे सारे हमनशीनो के लिए शुक्रगुजारी के साथ मोहब्बत भी थी साथ तो कोई नहीं रहा पर दिल के घर में सबके बड़े बड़े कमरे सजा रखे हैं उनकी यादो से उनके रूप बसा रखे हैं .
- हमें मदद करने की वह तमन्ना दीजिये जिसमें मददगारी का गर्व न हो रहनुमाई की वह ताकत दीजिये जिसमें ' रहनुमा' की उम्मीद न हो पर - पीड़ा का वह एहसास दीजिये जिसमें शुक्रगुजारी की ख्वाहिश न हो सेवा का वह अवसर दीजिये जिसमें नेतृत्व का लालच न हो पंगु को गिरी - लांघ बनाऊँ, ख़ुद अपांग रहते रहते अंधों को सब कुछ दर्शाऊँ , ख़ुद अंधेरे में सिमटे बधिरों को सत बोल सुनाऊँ, ख़ुद सन्नाटे में बैठे गूंगे को आवाज़ दिलाऊँ, ख़ुद चित मौन धरे निर्वाण, नहीं;परिनिर्वाण नहीं,'महा' उपाधि दी है हमनें।