संचित कर्म का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- किन्तु परिणाम प्रत्येक व्यक्ति के संचित कर्म के अनुसार भिन्न होंगे।
- ऐसे काम भी संचित कर्म के ही श्रेणी में आते हैं।
- संचित कर्म का कितना अंश एक जन्म में भोगना है ।
- 1 संचित कर्म 2 प्रारब्ध यानी कर्मफ़ल रूपी भाग्य 3 क्रियमाण ।
- संचित कर्म क्या होते हैं ? क्रियमाण कर्म क्या होते हैं ?
- इसलिए बचे-बचायों का जो कोष होता है उसे संचित कर्म कहते हैं।
- तीन प्रकार के कर्म ( क्रियमान , प्रारब्ध व संचित कर्म )
- संचित : संचित कर्म समस्त पूर्व जनम के कर्मो का संगृहीत रूप है।
- संचित : संचित कर्म समस्त पूर्व जनम के कर्मो का संगृहीत रूप है।
- मृत्यु के बाद सूक्ष्म लोक में यही संचित कर्म हमारी पहचान होते हैं।