स्तेय का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- ( 1 ) पराई चीज और ( 2 ) बिना आज्ञा इन दो ही तत्वों के आधार पर स्तेय का ठीक-ठीक निर्णय नहीं हो सकता ।
- दूसरे की कमाई का अनुचित रूप से अपहरण करना चोरी है , जिस वस्तु पर न्यायतःअपना स्वत्व नहीं है उसे उसके स्वामी की बिना जानकारी में या बलात्कारपूर्वक ले लेना स्तेय है , इससे बचना अस्तेय कहा जायेगा ।
- अहिंसा योग मार्ग में सिद्धि प्रदान करने वाली है , धर्म और अधर्म का भेद जानकर जो यथार्थ बात कही जाती है वही सत्य का रूप है , चोरी से या बलपूर्वक किसी का धन काया या अन्य कारक को हडप लेना स्तेय की श्रेणी में आता है , इसके विपरीत अस्तेय की श्रेणी में आता है , मैथुन का त्याग कर देना ब्रह्मचर्य की श्रेणी में आता है , आपत्तिकाल में भी द्रव्य का संग्रह नही करना अपरिग्रह के रूप में जाना जाता है।