अध्यात्मरामायण का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- १ ८ . ब्रह्माण्डपुराण : ब्रह्माण्ड का वर्णन करनेवाले वायु ने व्यास जी को दिये हुए इस बारह हजार श्लोकों के पुराण में विश्व का पौराणिक भूगोल , विश्व खगोल , अध्यात्मरामायण आदि विषय हैं।
- १ ८ . ब्रह्माण्डपुराण : ब्रह्माण्ड का वर्णन करनेवाले वायु ने व्यास जी को दिये हुए इस बारह हजार श्लोकों के पुराण में विश्व का पौराणिक भूगोल , विश्व खगोल , अध्यात्मरामायण आदि विषय हैं।
- इनके लिखे ग्रंथों के नाम ये हैं , रासपंचाध्यायी, रामचंद्रविलास, शंकामोचन (संवत् 1873)े, जौहरिनतरंग (1875), रसिकरंजनी (1877), विज्ञान भास्कर (1878), ब्रजदीपिका (1883), शुकरंभासंवाद (1888), नामचिंतामणि (1903), मूलभारत (1911), भारतसावित्री (1912), भारत कवितावली (1913), भाषा सप्तशती (1917), कवि जीवन (1918), आल्हा रामायण (1922), रुक्मिणीमंगल (1925), मूल ढोला (1925), रहस लावनी (1926), अध्यात्मरामायण, रूपक रामायण, नारी प्रकरण, सीतास्वयंबर, रामविवाहखंड, भारत वार्तिक, रामायण सुमिरनी, पूर्व श्रृंगारखंड, मिथिलाखंड, दानलोभसंवाद, जन्म खंड।