अपादान का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- 3 . करण और अपादान कारक की विभक्ति हिन्दी भाषा में ' से ' है।
- “कर्ता ने , कर्म को, करण से, सम्प्रदान के लिए, अपादान से संबंध का के की, अधिकरण…”
- कर्म-संप्रदान में-- `मोहिं ' , करण में हमरें सैं, अपादान में मोहिसञो, हमरा सै जैसे विशिष्ट प्रयोगभी होते हैं.
- जहाँ एक संज्ञा का दूसरी संज्ञा से अलग होना सूचित होता है , वहाँ अपादान कारक होता है।
- संज्ञा के जिस रूप से एक वस्तु का दूसरी से अलग होना पाया जाए वह अपादान कारक कहलाता है।
- ' से ' एक विभक्ति होने पर भी करण और अपादान कारकों में भिन्न-भिन्न अर्थों में प्रयुक्त होता है।
- अपादान कारक संज्ञा के जिस रूप से एक वस्तु का दूसरी से अलग होना पाया जाए वह अपादान कारक कहलाता है।
- अपादान कारक संज्ञा के जिस रूप से एक वस्तु का दूसरी से अलग होना पाया जाए वह अपादान कारक कहलाता है।
- हिन्दी में आठ कारक होते हैं- कर्ता , कर्म , करण , सम्प्रदान , अपादान , सम्बन्ध , अधिकरण और सम्बोधन।
- हिन्दी में आठ कारक होते हैं- कर्ता , कर्म , करण , सम्प्रदान , अपादान , सम्बन्ध , अधिकरण और सम्बोधन।