अभक्ति का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- यदि मसीह का अनुग्रह केवल आप के लिए पर्याप्त है के बाद आप अपने आप को सब अभक्ति से इनकार किया है , तो मेरा सवाल है - क्या तुम?
- रो 11 : 26 और इस प्रकार समस्त इस्राएल उद्धार पाएगा ; जैसा कि लिखा है , “ सिय्योन से उद्धारकर्ता आएगा , वह याकूब से अभक्ति दूर करेगा ”
- जो व्यक्ति भारत सरकार या किसी राज्य की सरकार के अधीन पद धारण करते हुए भ्रष्टाचार के कारण या राज्य के प्रति अभक्ति के कारण पदच्युत कर दिया गया हो ,
- उसके मुँह से सहसा ये शब्द निकले - इनका हृदय से कैसे सम्मान करूँ ? इन्हें अपना उपास्य देव कैसे समझूँ ? नहीं जानती , इस अभक्ति के लिए क्या दंड मिलेगा।
- “ परमेश् वर का क्रोध तो उन लोगों की सब अभक्ति और अधर्म पर स् वर्ग से प्रगट होता है , जो सत् य को अधर्म से दबाए रखते है ” ।
- भगवान की कृपा के लिए दिखाई है , सभी लोगों के लिए उद्धार लाने, हमें अभक्ति और सांसारिक जुनून त्याग करने के लिए, और वर्तमान युग में आत्म नियंत्रण, ईमानदार, और धर्मी जीवन जीने के लिए प्रशिक्षण टाइटस 2:11-12 [ईएसवी]
- इसी प्रकार से हम नये नये नियम में अब भी देखते हैं कि परमेश्वर का कोध्र उन लोगों की सब अभक्ति और अधर्म पर स्वर्ग से प्रगट होता है , जो सत्य को अधर्म से दबाए रखते हैं (रोमियो 1:18) ।
- 15 कि सब का न्याय करे , और सब भक्तिहीनों को उन के अभक्ति के सब कामों के विषय में, जो उन्होंने भक्तिहीन होकर किये हैं, और उन सब कठोर बातों के विषय में जो भक्तिहीन पापियों ने उसके विरोध में कही हैं, दोषी ठहराए।
- रामजी ने कहा ‘ मुझसे बडे हैं भक्त मेरे बिना लालच और लोभ मेरी भक्ति के भाव में पडे ' ऐसे भक्तों की शक्ति अपार जिनका कुछ लोग भी करते व्यापार जो अभक्ति में देखते फ़ायदा वह भी लेते रामजी का नाम कई बार
- वे परमेश्वर के कार्य का विरोध करते हैं ( 1थेस.2:18), लोगों को भरमाते हैं (प्रकाश.20:7-8), घमण्डी हैं (1तिम.3:6), अभक्ति को बढ़ावा देते हैं (इफि.2:2), क्रूर हैं (1पत.5:8), दोषारोपन करते हैं (अय्यूब 2:4), और मनुष्यों को अनेक वेदनाओं एवं बिमारियों से पीडित करते हैं (प्रेरित 10:38; मरकुस 9.25)।