अर्चि का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- ‘ अर्चि ' शब्द का अर्थ होता है-दीप्ति , और ‘ सु ' का अर्थ होता है- सुन्दर।
- बाद में भुजाओं के मंथन से नर-नारी का एक जोड़ा निकला जिन्हें पृथु और अर्चि नाम दिया गया।
- बाद में भुजाओं के मंथन से नर-नारी का एक जोड़ा निकला जिन्हें पृथु और अर्चि नाम दिया गया।
- अग्नि ही यद्यपि शुरू में है और उसके बाद ही ज्योति : शब्द और कहीं-कहीं अर्चि : शब्द आता है ;
- अर्चि मार्ग ब्रह्मलोक और देवलोक की यात्रा के लिए होता है , वहीं धूममार्ग पितृलोक की यात्रा पर ले जाता है और उत्पत्ति-विनाश मार्ग नर्क की यात्रा के लिए है .
- यदि पृथ्वी में धूम होता तो वह पृथ्वी में क्यों नहीं आता ? वह आकाश में जहाँ हवा का प्रभाव नहीं , वहां चला जाता है- ना तिरछे जाता है ना निचे ही आता है ! इसी प्रकार ज्योति का विकार ' अर्चि ' है ! वह भी ना निचे आता है ना तिरछे जाता है !
- यदि पृथ्वी में धूम होता तो वह पृथ्वी में क्यों नहीं आता ? वह आकाश में जहाँ हवा का प्रभाव नहीं , वहां चला जाता है- ना तिरछे जाता है ना निचे ही आता है ! इसी प्रकार ज्योति का विकार ' अर्चि ' है ! वह भी ना निचे आता है ना तिरछे जाता है !