ईशावास्य उपनिषद का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- ईशावास्य उपनिषद में इन्हीं बातों का उल्लेख किया गया है तथा सभी कालों में सत्कार्मों को करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है प्रभु के सूक्ष्म चित्रण को इस उपनिषद में दर्शाया गया है .
- ईशावास्य उपनिषद ' है , उसमे यही कहते है , कि यह सब दुनिया , यह संसार ईश्वर से ओत प्रोत हैं और इसका अनुभव करे , मगर द्वेष न करे , घृणा न करे , लोभी लालची मत बने , यही कहा गया है | और सौ साल तक , काम करते करते , कर्म करते करते खुशी से जिये |