ईशित्व का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- मार्कण्डेय पुराण के अनुसार , अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व ये आठ सिद्धियाँ होती हैं।
- मार्कण्डेय पुराण के अनुसार , अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व ये आठ सिद्धियाँ होती हैं।
- अणिमा , महिमा , गरिमा , लघिमा , प्राप्ति , प्राकाम्य , ईशित्व और वशित्व आठ सिद्धियां होती हैं।
- अणिमा , महिमा , गरिमा , लघिमा , प्राप्ति , प्राकाम्य , ईशित्व और वशित्व आठ सिद्धियां होती हैं।
- अणिमा , महिमा,गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व ये आठ सिद्धियां हैं जिनका मार्कण्डेय पुराण में उल्लेख किया गया है (
- 8 . ईशित्व इस सिद्धि के प्रतिष्ठित हो जाने पर साधक में ऐश्वर्य तथा ईश्वरत्व भी स्वत : सिद्ध हो जाता है।
- 8 . ईशित्व इस सिद्धि के प्रतिष्ठित हो जाने पर साधक में ऐश्वर्य तथा ईश्वरत्व भी स्वत : सिद्ध हो जाता है।
- मार्कण्डेयपुराण में अणिमा , महिमा , गरिमा , लघिमा , प्राप्ति , प्राकाम्य , ईशित्व एवं वशित्वये आठ सिद्धियाँ बतलायी गयी है।
- मार्कण्डेयपुराण में अणिमा , महिमा , गरिमा , लघिमा , प्राप्ति , प्राकाम्य , ईशित्व एवं वशित्वये आठ सिद्धियाँ बतलायी गयी है।
- मार्कण्डेयपुराण के अनुसार अणिमा , महिमा , गरिमा , लघिमा , प्राप्ति , प्राकाम्य , ईशित्व और वशित्व ये आठ सिद्धियां हैं।