उजली रात का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- टुकड़े-टुकड़े दिन बीता और धज्जी-धज्जी रात मिलीजिसकी जितनी झोली थी उतनी ही सौगात मिलीलाख लगे हों दिल पर पहरे , अपनी ही औकात मिलीभर तो लेते दामन अपना , बात नहीं बेबात मिलीचाँद भी उतरा तारे भी उतरे , फ़िर भी न उजली रात मिलीजहन सजाये बैठे हैं हम , यादों की
- दिल में आग लगी थी शायद उजली रात हुई थी शायद सुना है वो परदेश गया है छुटी किताबें पड़ी थीं शायद आंखों ने बरसात करा दी घर की बात चली थी शायद फूल ने मारा फिर पत्थर को ऐसी हवा उड़ी थी शायद मयखानों में रिन्द नहीं हैं पलक तुम्हारी उठी थी शायद।
- दिन सी उजली रात करें ॥ हमसे तुमसे ही दुनिया हमीं सुने औ ' हमीं कहें ॥ जो सब की आँखों का हो ऐसा कोई ख्वाब बुनें ॥ एक आशियाना ऐसा हो जिसमें सारा जग रह ले ॥ थोड़ी सी तो उमर बची जल्दी से कहलें, सुनलें ॥ ९ जुलाई २००५ पोस्ट पसंद आई तो मित्
- दिन सी उजली रात करें ॥ हमसे तुमसे ही दुनिया हमीं सुने औ ' हमीं कहें ॥ जो सब की आँखों का हो ऐसा कोई ख्वाब बुनें ॥ एक आशियाना ऐसा हो जिसमें सारा जग रह ले ॥ थोड़ी सी तो उमर बची जल्दी से कहलें, सुनलें ॥ ९ जुलाई २००५ पोस्ट पसंद आई तो मित्...
- ठोकर खाकर मैं गिरती जब तक , थामने को उठे कई हाथ , निकल रहा था मेरा दम , कि हवाओं ने दिया झूम के साथ कितना घना अँधेरा था , जब वजूद बना एक बिसरी बात तब तारे झुक झुक आये मुझे तक स्याह रात बनी उजली रात तन्हाई के आगोश में अब तो महफूज़ हैं मेरे हर जज़्बात तेरा क्यूँ मैं सोग मनाऊँ , जब उम्मीद खड़ी है थामे हा थ. ..