एकतान का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- यथार्थ चित्रण के नाम पर सपाटे से सपाटबयानी और फार्मूलेबाजी करने वाले उपन्यासों-कहानियों से भरे इस वक्त में कुछ लोगों को शायद लगे कि मैं और उत्तरा के प्रेम की यह कहानी और कुछ नहीं बस ‘ ख़लल है दिमाग़ का ' , लेकिन प्रवचन या रिपोर्ट की बजाय सर्जनात्मक स्वर सुनने को उत्सुक पाठक इस अद्भुत ‘ फसक ' में अपने समय की डरावनी सचाइयों को ऐन अपने प्रेमानुभाव में एकतान होते सुन सकता है।
- ओम थानवी सवाल उठाते हैं कि ‘ अगर ‘ लोकतंत्र में सभी मंच एकतान हो गए तो जिस वैचारिक और सांस्कृतिक बहुलता को हम अपने लोकतंत्र का असली आधार मानते हैं , वह समाप्त हो जायेगी ' तो अपूर्वानंद कहते हैं ‘ भारत में , जो अब भी एक-दूसरे से बिलकुल असंगत विचारधाराओं और विचारों के तनावपूर्ण सहअस्तित्व वाला देश है , किसी विचार को चाह कर भी सार्वजनिक दायरे से अपवर्जित करना संभव नहीं है .
- निरुद्देश्य , निष्काम काम-सुख की अचेत धारा में, संतानें अज्ञात लोक से आकर खिल जाती हैं वारि-वल्लरी में फूलॉ-सी, निराकार के गृह से स्वयं निकल पड़ने वाली जीवन की प्रतिमाऑ-सी प्रकृति नित्य आनन्दमयी है, जब भी भूल स्वयं को हम निसर्ग के किसी रूप(नारी, नर या फूलॉ) से एकतान होकर खो जाते हैं समाधि-निस्तल में खुल जाता है कमल, धार मधु की बहने लगती है, दैहिक जग को छोड़ कहीं हम और पहुंच जाते हैं, मानो मायावरण एक क्षण मन से उतर गया हो.
- संशय नहीं , निर्मल की कथा-सर्जना स्वयं इन अँधेरी स्मृतियों की बेचैन तलाशों की साक्षी है . उनके ‘ कौव्वे और काला पानी ' संग्रह को ध्यान से पढ़े तो लगता है जैसे हमारी जातीय स्मृति एवं व्यवहार में व्याप्त भक्ति , अध्यात्म , और धर्म के जीवन शिल्प को ही वे कथा-शिल्प में तब्दील कर देते हैं तथा कवि कबीर और तुलसी के साथ कथाकार निर्मल तक , जीवन की निस्सारता के दर्शन की , एक गहरी लकीर एकतान हो उठती है .
- निरुद्देश्य , निष्काम काम-सुख की अचेत धारा में , संतानें अज्ञात लोक से आकर खिल जाती हैं वारि-वल्लरी में फूलॉ-सी , निराकार के गृह से स्वयं निकल पड़ने वाली जीवन की प्रतिमाऑ-सी प्रकृति नित्य आनन्दमयी है , जब भी भूल स्वयं को हम निसर्ग के किसी रूप ( नारी , नर या फूलॉ ) से एकतान होकर खो जाते हैं समाधि-निस्तल में खुल जाता है कमल , धार मधु की बहने लगती है , दैहिक जग को छोड़ कहीं हम और पहुंच जाते हैं , मानो मायावरण एक क्षण मन से उतर गया हो .