कणाद ऋषि का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- कहते हैं कि जीवन के अंत में उनके शिष्यों ने उनकी अंतिम अवस्था में प्रार्थना की कि कम से कम इस समय तो परमात्मा का नाम लें , तो कणाद ऋषि के मुख से निकला पीलव: पीलव: पीलव: अर्थात् परमाणु, परमाणु, परमाणु।
- १ - पूर्व मीमांसा ( जैमिनी ऋषि ) २ - उत्तर मीमांसा ( वेद व्यास ) ३ - सांख्य ( कपिल मुनि ) ४ - योग ( पातंजलि ऋषि ) ५ - न्याय ( गौतम ऋषि ) और ६ - वैशेषिक ( कणाद ऋषि ) ।
- क्या ऐसा नहीं है कि जिस गौड पार्टिकल को बर्न के 10 हजार से अधिक वैज्ञानिकों ने कई वर्षों की मेहनत और खरबों दुलार के खर्च के बाद ढूंढा और उसके गुणों को ढूँढ रहे हैं कणाद ऋषि ने कई ऋचाओं में हजारों वर्ष उनकी व्याख्या कर दी थी .