कलेऊ का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- ऊपर से कलेऊ ( दोपहर का भोजन) कर के जाने लगा तो हिदायत कर दिया कि घोड़ा तैयार कर के रखना।
- कुँवर-कलेऊ ( हमारे क्षेत्र में गाँव में दोपहर के भोजन को कलेऊ और रात के को ब्यारू कहते हैं ..
- ( एक लात और जमाकर) हम तो वहाँ कलेऊ की बाट देख रहे हैं, तू यहाँ लड़ाई ठाने बैठी है।
- दुपहर में कलेऊ के बाद अक्सर बाबूजी कहते थे , ” जाओ तानी लुखिया भौजी से गमकौआ जर्दा मांग लाओ।
- छोटे बच्चे ही जंगल में जा कर खीर , कलेऊ , पूरी इत्यादि पकवान बना कर अंग्यार की पूजा करते हैं।
- छोटे बच्चे ही जंगल में जा कर खीर , कलेऊ , पूरी इत्यादि पकवान बना कर अंग्यार की पूजा करते हैं।
- कलेऊ कर हम लोग जल्दी - जल्दी तैयार होकर ऐसा प्रदर्शित करते जैसे हमें पाठशाला के लिए देर हो रही है।
- सबेरे उठकर नहा - धोकर कलेऊ करता और फिर बस्ता टाँगकर बड़े भाई के साथ दो कोस पैदल चलकर पाठशाला जाता।
- धान बुबाई , दूदा भाती , कंकन छुराई से लेकर कुँवर कलेऊ तथा विदा गीत बुन्देलखण्ड के विवाहांे में सुने जा सकते है ।
- सुबह के नाश्ते कलेऊ में पंगवाली लोग जौ के सत्तू को बिना भूने या पकाये ही , छांछ की तरह पानी घोल कर पीते हैं।