गलसुआ का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- खसरे को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है खसरा-गलसुआ-रूबेला ( एमएमआर) का टीका, जो बाल्यावस्था के दो अन्य सशक्त रूप से घातक रोगों – गलसुआ और रूबेला से भी सुरक्षा प्रदान करता है।
- यदि आपको गलसुआ है , तो आपको बहुत ठंडे तरल पदार्थ, विशेषकर पानी, पीना चाहिए, किन्तु फल के रस से परहेज करना चाहिए क्योंकि यह लार उत्पादन को बढ़ाता है, जो कि कष्टकर हो सकता है।
- रक्त जाँच यह भी बता सकते हैं कि आप उपदंश ( सिफिलीस), खसरा, गलसुआ, रूबेला या यकृतशोथबी (हेपैटाइटिस बी) के संपर्क में रहे हैं। आपको एचआईवी, वह विषाणु जो एड्स उत्पन्न करता है, की जाँच के लिए प्रस्ताव दिया जा सकता है।
- लेख है कि , मुरादाबाद जिले के थाना सैदनगली की पुलिस ने गलसुआ गाँव के फुरकान को उसके भाई इरफान की जगह मुकद्दमे मे रातभर थाने मे रख कर उत्पीडन किया और सुबह इरफान के नाम पर चालान करके एस.डी.एम. कोर्ट मे पेश कर दिया ।
- लेख है कि , मुरादाबाद जिले के थाना सैदनगली की पुलिस ने गलसुआ गाँव के फुरकान को उसके भाई इरफान की जगह मुकद्दमे मे रातभर थाने मे रख कर उत्पीडन किया और सुबह इरफान के नाम पर चालान करके एस . डी . एम . कोर्ट मे पेश कर दिया ।
- [ 6] कम आम कारणों में शामिल हैं - रक्त में ट्राइग्लिसेराइड की अधिकता (लेकिन रक्त में कोलेस्टेरॉल की अधिकता नहीं) और केवल जब ट्राइग्लिसेराइड का मान 1500 मिलीग्राम प्रति डेसीलिटर (16 मिलिमोल्स प्रति लीटर),रक्त में कैल्शियम की अधिकता , जीवाणु संबंधी संक्रमण (उदाहरण के लिए गलसुआ ), आघात (पेट या शारीर के अन्य हिस्से में)
- शारीरिक संरचना से संबंधित कारणों में क्रोमोसोम का असामान्यता होना , जैसे कि क्लिनफिल्टर्स सिंड्रोम, जिसमें एक एक्स क्रोमोसोम अतिरिक्त रूप में पाया जाता है, वृषण के नीचे अंडकोष की थैली में न उतरना, शुक्राणुओं का निर्बल तथा गति शक्ति से हीन होना, शुक्र धातु का विकारयुक्त व पुष्ट न होना, शुक्रवाहिनी नली का न होना, गलसुआ रोग से भी शुक्राणुओं में कमी आती है।
- शारीरिक संरचना से संबंधित कारणों में क्रोमोसोम का असामान्यता होना , जैसे कि क्लिनफिल्टर्स सिंड्रोम , जिसमें एक एक्स क्रोमोसोम अतिरिक्त रूप में पाया जाता है , वृषण के नीचे अंडकोष की थैली में न उतरना , शुक्राणुओं का निर्बल तथा गति शक्ति से हीन होना , शुक्र धातु का विकारयुक्त व पुष्ट न होना , शुक्रवाहिनी नली का न होना , गलसुआ रोग से भी शुक्राणुओं में कमी आती है।
- शारीरिक संरचना से संबंधित कारणों में क्रोमोसोम का असामान्यता होना , जैसे कि क्लिनफिल्टर्स सिंड्रोम , जिसमें एक एक्स क्रोमोसोम अतिरिक्त रूप में पाया जाता है , वृषण के नीचे अंडकोष की थैली में न उतरना , शुक्राणुओं का निर्बल तथा गति शक्ति से हीन होना , शुक्र धातु का विकारयुक्त व पुष्ट न होना , शुक्रवाहिनी नली का न होना , गलसुआ रोग से भी शुक्राणुओं में कमी आती है।