गेरुई का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- इन अव्यवस्थाओं के कारण विगत एक दशक से तीन नर एवं दो मादा गैंडा उर्जाबाड़ के बाहर दुधवा नेशनल पार्क क्षेत्र की गेरुई नदी के किनारे तथा गुलरा क्षेत्र के खुले जंगल समेत निकटस्थ खेतों में विचरण करके फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहें हैं।
- इन अव्यवस्थाओं के कारण विगत एक दशक से तीन नर एवं दो मादा गैंडा उर्जाबाड़ के बाहर दुधवा नेशनल पार्क क्षेत्र की गेरुई नदी के किनारे तथा गुलरा क्षेत्र के खुले जंगल समेत निकटस्थ खेतों में विचरण करके फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहें हैं।
- इन अव्यवस्थाओं के कारण इस एक दशक से तीन नर एवं दो मादा गैंडा उर्जाबाड़ के बाहर दुधवा नेशनल पार्क क्षेत्र की गेरुई नदी के किनारे और गुलरा क्षेत्र के खुले जंगल समेत निकटस्थ खेतों में विचरण करके किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
- ० प्रतिशत अधिक विटामिन ' ए ' की अधिकता बीटा कैरोटिन एवं ग्लूटीन पर्याप्त मात्र में पायी जाती है | ४ . फसल सुरक्षा : कठिया गेहूँ में गेरुई रोग या रतुआ जैसी महामारी का प्रकोप तापक्रम की अनुकूलतानुसार कम या अधिक होता है | नवीन प्रजातियों को उगाकर इनका प्रकोप कम किया जा सकता है |
- ५ किग्रा . / प्रति हेक्टेयर की दर से ८ ०० - १ ००० लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना लाभदायक है | ३ . तुलासिता रोग की पहचान : इस रोग में पत्त्तियों की निचली सतह पर सफेद रोयेंदार फफूदी तथा उपरी सतह पर पीलापन होता है इसकी रोकथाम हेतु सफेद गेरुई के नियंत्रण वाले रसायन का प्रयोग करना चाहिए |
- गेरुई तथा रतुआ रोग : यह भूरे पीले एवं काले रंग की होती है, काली गेरुई पत्ती एवं तना दोनों पर ही लगते है, इन सब की रोकथाम के लिए मैन्कोजेब 2.0 किलोग्राम या जिनेब 2.5 किलोग्राम का छिडकाव प्रति हेक्टर की दर से करना चाहिए अथवा प्रोपिकोनजाल 25% ई.सी. को 1/2 लीटर 1000 लीटर पानी में मिलकर प्रति हेक्टर की दर से छिडकाव करना चाहिएI
- गेरुई तथा रतुआ रोग : यह भूरे पीले एवं काले रंग की होती है, काली गेरुई पत्ती एवं तना दोनों पर ही लगते है, इन सब की रोकथाम के लिए मैन्कोजेब 2.0 किलोग्राम या जिनेब 2.5 किलोग्राम का छिडकाव प्रति हेक्टर की दर से करना चाहिए अथवा प्रोपिकोनजाल 25% ई.सी. को 1/2 लीटर 1000 लीटर पानी में मिलकर प्रति हेक्टर की दर से छिडकाव करना चाहिएI
- गेहूँ की फसल में एकीकृत रोग प्रबंधन : प्रमुख रोग : ( १ ) काली गेरुई ( २ ) भूरी गेरुई ( ३ ) पीली गेरुई ( ४ ) करनाल बंट ( ५ ) अनावृत कण्डुआ ( ६ ) सेहूँ ( ७ ) स्पाट ब्लाच ( ८ ) काली गेरुई अपनाई जाने वाली प्रमुख क्रियाएं : मृदा उपचार : बुवाई से पूर्व जैव कवकनाशी ( ट्राईकोडरमा प्रजाति आधारित ) के द्वारा २ .
- गेहूँ की फसल में एकीकृत रोग प्रबंधन : प्रमुख रोग : ( १ ) काली गेरुई ( २ ) भूरी गेरुई ( ३ ) पीली गेरुई ( ४ ) करनाल बंट ( ५ ) अनावृत कण्डुआ ( ६ ) सेहूँ ( ७ ) स्पाट ब्लाच ( ८ ) काली गेरुई अपनाई जाने वाली प्रमुख क्रियाएं : मृदा उपचार : बुवाई से पूर्व जैव कवकनाशी ( ट्राईकोडरमा प्रजाति आधारित ) के द्वारा २ .
- गेहूँ की फसल में एकीकृत रोग प्रबंधन : प्रमुख रोग : ( १ ) काली गेरुई ( २ ) भूरी गेरुई ( ३ ) पीली गेरुई ( ४ ) करनाल बंट ( ५ ) अनावृत कण्डुआ ( ६ ) सेहूँ ( ७ ) स्पाट ब्लाच ( ८ ) काली गेरुई अपनाई जाने वाली प्रमुख क्रियाएं : मृदा उपचार : बुवाई से पूर्व जैव कवकनाशी ( ट्राईकोडरमा प्रजाति आधारित ) के द्वारा २ .