चुगल का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- पत्र में जिलाधिकारी से रिक्शा चालकों की समस्याओं को देखतें हुए उक्त स्थल को भूमाफियाओं के चुगल में जाने से वचाते हुए पुनः रैन वसैरा निर्माण कराये जाने की माॅग की हैं।
- चुगल खोरी जिस गृह की सांस्कृतिक विरासत में वहां के संविधान में , धर्म में शुमार है से आया था यह जंतु सो मेरे मित्र के मानस में उभरी तरंगों को पकड़ लिया .
- उनकी इस प्रतिभा से प्रभावित होकर कई चुगल केन्द्रों की अध्यक्षायें उन्हें अपने चुगल केन्द्रों को सेवा देने के लिए मनाने को उत्सुक हैं , किन्तु उन महानुभाव का स्वतंत्र रूप से कार्य करने का ही विचार है .
- उनकी इस प्रतिभा से प्रभावित होकर कई चुगल केन्द्रों की अध्यक्षायें उन्हें अपने चुगल केन्द्रों को सेवा देने के लिए मनाने को उत्सुक हैं , किन्तु उन महानुभाव का स्वतंत्र रूप से कार्य करने का ही विचार है .
- मकर में बुध हो तो जातक , अधम , मूर्ख , नपुंसक , कुल के गुणों से रहित , दुखी , स्वप्न में विहार करने वाला , चुगल खोर , असत्यवादी , अस्थिर , ऋणी , डरपोक , मलिन व बंधुओं से त्यक्त होता है |
- मकर में बुध हो तो जातक , अधम , मूर्ख , नपुंसक , कुल के गुणों से रहित , दुखी , स्वप्न में विहार करने वाला , चुगल खोर , असत्यवादी , अस्थिर , ऋणी , डरपोक , मलिन व बंधुओं से त्यक्त होता है |
- भय्या- इसीलिए कहता हूँ इस झक को कस के पकड़ लो मैं तो कहता हूँ लटक लो जैसे- उमा भारती अटल को जकड़े थी मायावती काशीराम को पकड़े थी बना बनाकर सबको उल्लू मौज करो चुगल चुगलीखोल बन लड़ने लड़ाने के भेद सोचो चुनाव में चुनाव लड़कर संसद पहुँचो फिर जितनी झक मारनी है मारो ! !
- मेरे पत्रकार एक मित्र का अचानक मुंह से निकला शब्द यहां कोड करना चाहूंगा : - “ खबरनवीसी कोई चुगल खोरी का धंधा नहीं मेरे दोस्त ” यह वाक्य उसने तब कहा था जब कि वह एक अन्य पत्रकार मित्र से किसी नेता के विरुद्ध भ्रांति फ़ैलाने के उद्येश्य से स्टोरी तैयार कर रहा था के संदर्भ में कहे थे .
- भास्कर न्यूज - ! - लालसोटउपखंड के बड़कापाड़ा ग्राम की कोटवाली ढाणी में सोमवार को तेल बिनौरी के दौरान दूल्हे रमेश मीणा व उसके परिवार पर हुई गोलीबारी की घटना से सहमी ढाणी में बदमाशों के चुगल से छूट कर घर पहुंचे दूल्हे रमेश मीणा को बुधवार को दूल्हे के रूप में बारात के साथ रवानगी लेने पर शादी की खुशियां छाई रही।
- वह कमज़ोर , बीमार और चिडचिड़े बन्दों की तरह आजिजो-बेज़ार भी होता है , वह अय्यारो-मक्कार की तरह चालों पर चालें चलने वाला भी है , वह कल्बे सियाह की तरह मुन्तकिम भी है , वह चुगल खोर भी है , अपने नबी की बीवियों की बातें इधर की उधर , नबी के कान में भर के मियाँ बीवी में निफाक भी डालता है .